टाटा स्टील अपने कर्मचारियों की सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाने की तैयारी कर रही है। कंपनी स्थायी कर्मचारियों के लिए बस सेवा शुरू करने और प्लांट परिसर में दोपहिया वाहनों के उपयोग को चरणबद्ध तरीके से समाप्त करने की योजना पर गंभीरता से विचार कर रही है।
टाटा स्टील के कॉरपोरेट सर्विसेज के वाइस प्रेसिडेंट डीबी सुंदर रामम ने कहा कि कंपनी के लिए सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से टाटा मोटर्स की तर्ज पर कर्मचारियों के लिए बस सेवा शुरू करने की संभावनाओं का अध्ययन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में कर्मचारियों और अन्य हितधारकों के साथ लगातार चर्चा की जा रही है, ताकि सभी पक्षों के सुझावों को शामिल कर एक प्रभावी व्यवस्था तैयार की जा सके। उन्होंने कहा कि बस सेवा लागू करने से पहले ऐसे प्रवेश द्वारों और पार्किंग स्थलों की पहचान की जाएगी, जहां कर्मचारियों के वाहनों के लिए पर्याप्त पार्किंग सुविधा उपलब्ध हो। कंपनी का मानना है कि सामूहिक परिवहन व्यवस्था से सड़क सुरक्षा में सुधार होगा और दुर्घटनाओं की आशंका कम होगी।
डीबी सुंदर रामम ने बताया कि टाटा स्टील के कई विभाग ऐसे हैं, जहां वर्षों से एक भी दुर्घटना दर्ज नहीं हुई है। उनका कहना था कि यदि कुछ विभाग शून्य दुर्घटना का लक्ष्य हासिल कर सकते हैं, तो अन्य विभाग भी इसे अपनाकर बेहतर सुरक्षा रिकॉर्ड बना सकते हैं।
उन्होंने कहा कि पहले ठेका कर्मचारी प्लांट परिसर में साइकिल से आवागमन करते थे, जिससे दुर्घटनाओं की संभावना बनी रहती थी। साइकिल संचालन बंद होने के बाद दुर्घटनाओं में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। इसी अनुभव के आधार पर कंपनी अन्य सुरक्षा उपायों पर भी काम कर रही है। कंपनी के अनुसार, सुरक्षा से जुड़ी किसी भी घटना या संभावित जोखिम को गंभीरता से लिया जाता है और आवश्यक सुधारात्मक कदम तत्काल लागू किए जाते हैं। टाटा स्टील का दीर्घकालिक लक्ष्य ‘ब्लडलेस स्टील’ उत्पादन है, यानी ऐसा कार्य वातावरण तैयार करना, जहां किसी भी कर्मचारी को दुर्घटना के कारण चोट न पहुंचे।
हाल ही में प्लांट परिसर में एक कर्मचारी भारी वाहन की चपेट में आने से बाल-बाल बच गया था। इस घटना के बाद कंपनी ने सुरक्षा मानकों को और मजबूत बनाने तथा दुर्घटना रोकथाम उपायों पर विशेष जोर देना शुरू कर दिया है।
