जहानाबाद सदर अस्पताल की इमरजेंसी में बुधवार को करीब एक घंटे तक डॉक्टर के नहीं रहने से मरीजों और उनके परिजनों की परेशानी बढ़ गई. अपराह्न करीब 2 बजे से 3 बजे तक इमरजेंसी में इलाज के लिए पहुंचे मरीज डॉक्टर का इंतजार करते रहे. डॉक्टर के नहीं रहने की सूचना अस्पताल के प्रभारी अधीक्षक डॉ. चंद्रशेखर आजाद और सिविल सर्जन डॉ. हरिश्चंद्र चौधरी को दी गई. मामले की जानकारी अधिकारियों को मिलने के बाद दूसरे डॉक्टर को इमरजेंसी में भेजा गया. इसके बाद मरीजों का इलाज शुरू हो सका. डॉक्टर के पहुंचने के बाद इमरजेंसी में नाराज मरीजों और परिजनों का गुस्सा शांत हुआ. इस दौरान करीब एक घंटे तक इमरजेंसी सेवा प्रभावित रही.
जानकारी के अनुसार, अपराह्न 2 बजे से रात 8 बजे तक इमरजेंसी में दो डॉक्टरों की ड्यूटी लगाई गई थी. इनमें से एक डॉक्टर पोस्टमार्टम के लिए गए थे, जबकि दूसरे डॉक्टर ड्यूटी पर मौजूद नहीं थे. बताया गया कि संबंधित डॉक्टर ने सुबह की पाली में किसी अन्य डॉक्टर के स्थान पर ड्यूटी की थी और इसके बाद चले गए थे. इमरजेंसी में डॉक्टर नहीं रहने के दौरान सांप काटने, हड्डी टूटने और अन्य गंभीर समस्याओं से जुड़े मरीज इलाज के लिए इंतजार करते रहे. बाद में पोस्टमार्टम से लौटे डॉक्टर ने इमरजेंसी संभाली और मरीजों का इलाज शुरू किया. हालांकि, इसके बाद भी इमरजेंसी में एक ही डॉक्टर ड्यूटी पर मौजूद रहा.
अस्पताल में इमरजेंसी ड्यूटी को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं. आरोप है कि एक साथ दो डॉक्टरों की ड्यूटी होने के बावजूद दोनों डॉक्टर पूरे समय इमरजेंसी में मौजूद नहीं रहते. कथित तौर पर आपसी सहमति से छह घंटे की ड्यूटी में तीन घंटे एक और तीन घंटे दूसरा डॉक्टर ड्यूटी करता है. इससे इमरजेंसी में एक समय पर केवल एक डॉक्टर ही मौजूद रहता है. सदर अस्पताल में डॉक्टरों के ड्यूटी से गायब रहने का मामला पहले भी निरीक्षण के दौरान सामने आ चुका है. नई जिलाधिकारी छिरिड़ बाई भूटिया के अस्पताल निरीक्षण के दौरान भी इमरजेंसी में एक ही डॉक्टर ड्यूटी पर मिले थे. वहीं, सिविल सर्जन के निरीक्षण में भी डॉक्टरों के ड्यूटी से अनुपस्थित रहने की बात सामने आने का दावा किया गया है. सदर अस्पताल के प्रभारी अधीक्षक डॉ. चंद्रशेखर आजाद ने बताया कि इमरजेंसी में कुछ देर तक डॉक्टर मौजूद नहीं थे. इसकी सूचना मिलने के बाद सिविल सर्जन को भी जानकारी दी गई. इसके बाद दूसरे डॉक्टर को भेजकर इमरजेंसी सेवा सुचारु करा दी गई.
