छपरा नगर निगम कार्यालय में काम के बदले रिश्वत देने का मामला सामने आया है। नगर आयुक्त रणजीत कुमार से मिलने पहुंचे कर संग्रहकर्ता असगर अली को पुलिस के हवाले कर दिया गया।
आरोप है कि वह लिफाफे में 10 हजार रुपये रखकर जांच रिपोर्ट अपने पक्ष में कराने पहुंचा था। नगर आयुक्त की शिकायत पर नगर थाना पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। नगर निगम सूत्रों के अनुसार, उच्च न्यायालय में चल रहे एक मामले के सिलसिले में असगर अली के विरुद्ध जांच नगर आयुक्त के पास आई थी। बताया जाता है कि वह जांच रिपोर्ट अपने पक्ष में कराने का प्रयास कर रहा था।
इसी क्रम में उसने कथित तौर पर एक दूसरे व्यक्ति के माध्यम से नगर आयुक्त के पास 10 हजार रुपये का लिफाफा भिजवाया।
रुपये भेजने के बाद असगर अली स्वयं नगर आयुक्त के कार्यालय में उनसे मिलने पहुंचा। इसी दौरान मामला खुल गया। नगर आयुक्त ने उसे पकड़वा लिया और नगर थाना पुलिस को सूचना दी।
नगर आयुक्त ने थाने में दिया आवेदन:
मामले को गंभीरता से लेते हुए नगर आयुक्त रणजीत कुमार ने नगर थाना में लिखित आवेदन दिया। इसमें काम के बदले रिश्वत देने का आरोप लगाया गया है। आवेदन के आधार पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली।
