बिहार में एक भ्रष्ट कर्मचारी पर आर्थिक अपराध ईकाई ने शिकंज कस दिया है। हाजीपुर नगर परिषद के लेखापाल(अकाउंटेंट) मनीष कुमार के ठिकानों पर ईओयू की रेड चल रही है। अब तक की कार्रवाई में दो करोड़ से अधिक की संपत्ति की खबर मिल रही है। मनीष कुमार पर आय से अधिक संपत्ति मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई है। इसके साथ ही कोर्ट के आदेश पर मनीष कुमार के हाजीपुर अवस्थित बागमली अवस्थित निवास एवं हाजीपुर नगर परिषद अवस्थित कार्यालय के आवास, सहित कुल 02 ठिकानों पर अलग-अलग टीम द्वारा तलाशी कार्रवाई प्रारम्भ की गई है। उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। बुधवार को टेंडर फिक्सिंग मामले में तीन अधिकारियों के ठिकानों से करीब 12 करोड़ मिले थे। उस मामले में आईएस अधिकारी मुमुक्ष चौधरी, मुख्य अभियंता तारिणी दास और कार्यपालक अभियंता उमेश कुमार सिंह को बुधवार को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। टें डर घपले में आईएस अफसर योगेश कुमार और अभिलाषा कुमारी शर्मा को निलंबित किया गया है जबकि आईएएस संजीव हंस की तलाश की जा रही है। संजीव हंस फरार चल रहे हैं।
मनीष कुमार के ठिकानों पर छापेमारी की प्रक्रिया चल रही है। आवास के साथ उसके कार्यालय को भी ईओयू की टीम खंगाल रही है। अकाउंटेंट के पद पर तैनात रहते मनीष कुमार की ठाठ बाट अफसरों जैसे हैं। आर्थिक अपराध इकाई में एफआईआर दर्ज कर कोर्ट के आदेश पर यह कार्रवाई चल रही है। ईओयू सूत्रों से प्राप्त जानकारी के लेखापाल के विरूद्ध सत्यापन के क्रम में कुल दो करोड़ दो लाख 31 हजार 500 रुपये आय से अधिक संपत्ति अर्जन करने का प्रथम दृष्टया साक्ष्य पाये गये हैं। यह उनके ज्ञात आय से लगभग 208.57% अधिक है। माना जा रहा है कि रेड कनक्लूड होने पर कई अन्य खुलासे भी हो सकते हैं। छापेमारी में स्थानीय पुलिस की मदद ली जा रही है। जब्त संपत्ति की मात्रा बढ़ सकती है। कोर्ट से अनुमति मिलने के बाद आर्थिक अपराध की टीम ने गुरुवार को सुबह-सुबह मनीष के ठिकानों पर धावा बोल दिया। मनीष को कुछ समझ में आता इससे पहले उसे हिरासत में ले लिया गया। कार्रवाई के दौरान बरामदगी से आय से अधिक संपत्ति होने का आरोप पुष्ट होने के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। उससे पूछताछ की जा रही है। मनीष के खिलाफ कार्रवाई से हाजीपुर नगर परिषद में हड़कंप मच गया है। मनीष ने मुंह खोला तो कई अन्य कर्मी और अधिकारी जांच के दायरे में आ सकते हैं।
