July 28, 2026
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ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय (एलएनएमयू) से संबद्ध और अंगीभूत कई कॉलेजों में बोनाफाइड सर्टिफिकेट जारी करने के बदले छात्रों से कथित रूप से अवैध रूप से पैसे वसूले जाने का मामला सामने आया है। छात्रों का आरोप है कि निशुल्क मिलने वाले इस प्रमाणपत्र के लिए उनसे 200 से 500 रुपये तक लिए जा रहे हैं।

सरकारी योजनाओं के लिए जरूरी है बोनाफाइड सर्टिफिकेट

बोनाफाइड सर्टिफिकेट की आवश्यकता बिहार सरकार की मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना, बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना और अन्य छात्रवृत्ति योजनाओं का लाभ लेने के लिए होती है। नियमों के अनुसार यह प्रमाणपत्र निशुल्क जारी किया जाना चाहिए, लेकिन कई कॉलेजों में इसके लिए छात्रों से कथित तौर पर पैसे मांगे जा रहे हैं।

बिना रसीद वसूले जा रहे रुपये, छात्रों का आरोप

पीड़ित छात्रों का कहना है कि आवेदन जमा करने के दौरान कॉलेज काउंटर पर तैनात कर्मचारी नकद रुपये की मांग करते हैं। छात्रों का आरोप है कि इस राशि की कोई आधिकारिक रसीद भी नहीं दी जाती। विरोध करने पर प्रमाणपत्र जारी करने में देरी या आवेदन निरस्त करने की धमकी मिलने की भी शिकायत की गई है।

ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले आर्थिक रूप से कमजोर छात्र-छात्राओं का कहना है कि मजबूरी में उन्हें यह राशि चुकानी पड़ रही है, क्योंकि सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए बोनाफाइड सर्टिफिकेट अनिवार्य है।

छात्र संगठनों ने जताया विरोध

आरके कॉलेज मधुबनी, समस्तीपुर कॉलेज, सीएम कॉलेज, सीएम साइंस कॉलेज दरभंगा समेत कई संस्थानों के छात्रों ने इस कथित वसूली पर नाराजगी जताई है। छात्र प्रतिनिधि विवेक कुमार, मिथिले पासवान और संजय कमती ने आरोप लगाया कि गरीब विद्यार्थियों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के बजाय उनका आर्थिक और मानसिक शोषण किया जा रहा है।

छात्र संगठनों का कहना है कि बिना रसीद लिए जाने वाला कोई भी भुगतान पूरी तरह अवैध है। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से तत्काल इस व्यवस्था पर रोक लगाने और बोनाफाइड सर्टिफिकेट जारी करने की पारदर्शी ऑनलाइन प्रणाली लागू करने की मांग की है।

विश्वविद्यालय प्रशासन ने जांच का दिया भरोसा

विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि यदि किसी भी कॉलेज में बोनाफाइड सर्टिफिकेट के नाम पर अवैध वसूली की लिखित शिकायत प्राप्त होती है, तो मामले की जांच कराई जाएगी। दोषी पाए जाने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई करने का भी आश्वासन दिया गया है।

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