July 28, 2026
IMG_9022

आईडीएफसी फर्स्ट बैंक ने 30 जून, 2026 को समाप्त तिमाही के अपने अलेखापरीक्षित वित्तीय परिणामों की घोषणा की है, जिसमें बैंक ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में 1,075 करोड़ रुपये का अपना अब तक का उच्चतम तिमाही कर पश्चात लाभ दर्ज किया है। यह पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही के 463 करोड़ रुपये की तुलना में 132.4 प्रतिशत की मजबूत साल-दर-साल वृद्धि को दर्शाता है। इस अवधि के दौरान बैंक का कुल ग्राहक व्यवसाय 18.6 प्रतिशत की साल-दर-साल वृद्धि के साथ बढ़कर 6,04,776 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। इसके अलावा, बैंक की परिसंपत्ति गुणवत्ता में सुधार देखा गया; सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्तियां पिछले साल के 1.97 प्रतिशत से घटकर 1.51 प्रतिशत और शुद्ध गैर-निष्पादित परिसंपत्तियां 0.55 प्रतिशत से सुधरकर 0.44 प्रतिशत हो गईं। कुल ग्राहक जमा भी 16.6 प्रतिशत बढ़कर 2,99,405 करोड़ रुपये हो गया, जिसमें चालू और बचत खाता जमा की हिस्सेदारी 24.6 प्रतिशत की साल-दर-साल वृद्धि के साथ 1,58,492 करोड़ रुपये रही।

बैंक का शुद्ध ब्याज मार्जिन 25 आधार अंक सुधरकर 5.96 प्रतिशत पर पहुंच गया, जबकि भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं और ईंधन या मानसून के संभावित प्रभावों को देखते हुए एहतियाती तौर पर 515 करोड़ रुपये का आकस्मिक प्रावधान भी किया गया। वित्तीय परिणामों पर बात करते हुए बैंक के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी वी. वैद्यनाथन ने कहा कि ऋण के प्रतिशत के रूप में बैंक का प्रावधान लगातार कम हो रहा है और इस तिमाही के दौरान 515 करोड़ रुपये का सीजीएफएमयू दावा प्राप्त हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि बैंक के निर्माण में किए गए दीर्घकालिक निवेश के लाभ अब ऑपरेटिंग लीवरेज के रूप में दिखाई देने लगे हैं, जिसके कारण बैंक का कर पश्चात लाभ बढ़कर 1,075 करोड़ रुपये हो गया है और परिसंपत्तियों पर रिटर्न भी 1 प्रतिशत के आंकड़े को पार कर गया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *