असम के स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट में उपचार करा रहे मरीजों को अब जांच और अस्पताल सेवाओं के लिए अधिक खर्च करना होगा। संस्थान ने 22 जुलाई से विभिन्न चिकित्सा सेवाओं की संशोधित शुल्क सूची लागू कर दी है, जिससे कैंसर मरीजों और उनके परिजनों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
नई शुल्क संरचना के अनुसार, अस्पताल के एक बेड का दैनिक शुल्क ₹200 से बढ़ाकर ₹1,600 कर दिया गया है। वहीं, साइटोलॉजी जांच की फीस ₹50 से बढ़कर ₹630 हो गई है। कैंसर की पुष्टि के लिए आवश्यक बायोप्सी जांच का शुल्क भी ₹1,000 से बढ़ाकर ₹2,700 कर दिया गया है। इसके अलावा, रक्त जांच की फीस में लगभग 60 प्रतिशत की वृद्धि की गई है।
कैंसर की स्थिति का आकलन करने में उपयोगी मार्कर टेस्ट की लागत भी ₹900 से बढ़ाकर ₹2,000 कर दी गई है। इन बढ़ी हुई दरों के कारण मरीजों के इलाज का कुल खर्च पहले की तुलना में काफी अधिक हो सकता है।
इस बीच, संस्थान में पहले उपलब्ध कराई जाने वाली निःशुल्क दवाओं की आपूर्ति बंद होने की खबरों ने भी मरीजों की चिंता बढ़ा दी है। यदि मरीजों को दवाएं स्वयं खरीदनी पड़ती हैं, तो उनके उपचार का आर्थिक बोझ और बढ़ सकता है। संशोधित शुल्क संरचना 22 जुलाई से प्रभावी है और संस्थान में उपलब्ध विभिन्न जांच एवं सेवाओं पर लागू होगी।
