टाटा स्टील में आयोजित एमडी ऑनलाइन में कर्मचारियों ने कंपनी के सीईओ व ग्लोबल प्रबंध निदेशक टी वी नरेन्द्रन के सामने स्वास्थ्य, शिक्षा व करियर से जुुड़े विकास के मामले को लेकर सवाल जवाब किए। टाटा स्टील में सोमवार को एमडी ऑनलाइन का आयोजन किया गया जिसमें कंपनी के सीईओ व ग्लोबल प्रबंध निदेशक टी वी नरेन्द्र कर्मचारियों से ऑनलाइन रू-ब-रू हुए. इस दौरान कर्मचारियों ने टीएमएच की चिकित्सा सुविधाओं, टाटा स्टील मिलेनियम स्कॉलरशिप योजना के विस्तार व कर्मचारियों व उनके बच्चों के लिए नए करियर उन्मुख कार्यक्रम शुरू करने की मांग रखी. प्रबंधन ने इस पर विचार करने का आश्वासन दिया. सीआरएम के पूर्व कमेटी सदस्य अशोक गुप्ता ने टीएमएच में बोन मैरो ट्रांसप्लांट सुविधा को पुन: शुरू करने का मुद्दा उठाया।
उन्होंने कहा कि डॉ. धर के जाने के बाद यह सुविधा बंद हो गई थी, जबकि अब हीमेटोलॉजी विभाग में नए विशेषज्ञ चिकित्सक उपलब्ध हैं. टीएमएच की जीएम डा. विनीता सिंह ने कहा कि बोन मैरो ट्रांसप्लांट सुविधा को फिर से शुरू करने के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचे का विकास किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि सभी तरह की तैयारी पूरी होने के बाद यह सुविधा शुरू की जाएगी. कर्मचारी ने टाटा स्टील मिलेनियम स्कॉलरशिप की संख्या और राशि बढ़ाने की मांग करते हुए नई शिक्षा नीति के तहत शुरू हुए अलग नए पाठ्यक्रमों को भी योजना में शामिल करने को लेकर अपना सुझाव दिया. कंपनी के सीएचआआरएओ जुबिन पालिया ने कहा कि मिलेनियम स्कॉलरशिप की संख्या और राशि में समय-समय पर संशोधन किया जाता है।
इसके लिए प्रबंधन यूनियन की कमेटी बनी है जो इस पर बातचीत कर निर्णय लेती है. कंपनी इलेक्ट्रिकल टीएंडडी विभाग के कर्मचारी अनंता गिरी ने अपनी मां की गंभीर मानसिक बीमारी के उपचार के लिए विशेष सहायता की मांग की. उन्होंने कहा कि चिकित्सकों ने इलाज के लिए हैदराबाद, दिल्ली अथवा विशाखापत्तनम जाने की सलाह दी है, लेकिन उम्र संबंधी पात्रता शर्तों के कारण वे ईएसएस सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हैं. एमडी ने मानवीय संवेदनशीलता दिखाते हुए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कर्मचारी से मुलाकात कर कंपनी के नियमों के तहत हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के विकल्प तलाशने का निर्देश दिया।
