July 17, 2026
image (5)

मेड़ तोड़ने के विवाद में 25 वर्ष पहले हथौड़ी थाना के झउवा गांव निवासी रामबहादुर राय (50) की भाला मारकर हत्याके मामले में 12 दोषियों को मंगलवार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई।
इसमें झउवा गांव के ही लोभित राय (78), सिकिन्दर राय (58), सत्यनारायण राय (61), मुनींद्र राय (63), नरेश राय (58), रामनाथ राय (68), अमृत राय (78), विनोद राय (48), मोहित राय (73), भूपेंद्र प्रसाद यादव (76), मनोज राय (55) व देवनारायण राय (68) शामिल है। सत्र विचारण के बाद एडीजे-दो के न्यायाधीश दशरथ मिश्रा ने सभी दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही सभी को साथ 10-10 हजार रुपये का जुर्माना किया गया। जुर्माना की राशि जमा नहीं करने पर सभी को दो माह अतिरिक्त साधाराण कारावास की सजा भुगतनी होगी। सजा सुनाए जाने के बाद कचहरी परिसर में दो पक्ष भिड़ गए।
इसके बाद दोषियों के पक्ष से आए दर्जनों लोगों ने पीड़ित पक्ष के लोगों से मारपीट शुरू कर दी। इससे वहां अफरातफरी मच गई। मृत रामबहादुर राय के भतीजे का इसमें सिर फट गया। बताया गया कि 13 अगस्त 2000 को मृतक के भाई जगन्नाथ राय ने हथौड़ी थाने में प्राथमिकी कराई थी। इसमें 11 लोगों को आरोपित बनाया गया था। बाद में पुलिस की जांच में इस मामले में सात अन्य आरोपितों का नाम जोड़ा गया। प्राथमिकी में कहा था कि 13 अगस्त को आरोपितों ने खेत की मेड़ तोड़ दी थी।
विरोध पर आरोपितों ने उनके भाई रामबहादुर राय की भाला मारकर हत्या की दी। लाठी, फरसा व गरासा लेकर आए आरोपितों के हमले में मनोज राय, शेरबहादुर राय व शिवजी राय गंभीर रूप से घायल हो गए थे। एपीपी ब्रजमोहन सिंह ने बताया कि ट्रायल के दौरान चार आरोपितों की मृत्यु हो गई। आरोपित भूपेंद्र राय ट्रायल के दौरान हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट भी गए, लेकिन उनका मामला वहां खारिज हो गया था। अभियोजन पक्ष की ओर से एपीपी ब्रजमोहन सिंह ने पक्ष रखते हुए कोर्ट के समक्ष 14 गवाहों और घटना से जुड़े साक्ष्यों को पेश किया। वहीं, सूचक की ओर से अधिवक्ता सर्वदेव झा ने पैरवी की थी। पूर्व में इस मामले में एक आरोपित राजीव कुमार को दोषमुक्त किया गया था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *