युद्ध जैसे हालात के लिए आम नागरिकों को तैयार करने के लिए गुरुवार को राजधानी पटना समेत बिहार के छह जिलों में हवाई हमले का पूर्वाभ्यास कराया जाएगा। इस दौरान पटना, किशनगंज, बेगूसराय, पूर्णिया, अररिया और कटिहार जिले में शाम सात से 7.15 बजे तक पूर्ण अंधेरा (ब्लैकआउट) रहेगा।शाम सात बजे खतरे का सायरन बजने के साथ ही इन जिलों की बिजली गुल हो जाएगी और परिवहन व्यवस्था ठहर जाएगी। इससे पहले पिछले साल ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी सात मई को ऐसा ही पूर्वाभ्यास हुआ था। एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, अस्पताल प्रशासन को भी दी गयी सूचना
पूर्वाभ्यास के दौरान आकस्मिक सेवा से जुड़े एयरपोर्ट, रेलवे, बस स्टैंड और अस्पताल आदि जगहों पर भी ब्लैकआउट रहेगा। जिला प्रशासन ने संबंधित प्रशासन को निर्देश दिया है। साथ ही पुलिस-प्रशासन को सार्वजनिक स्थलों पर अलर्ट रहने के निर्देश दिये गये हैं। पूर्वाभ्यास की सफलता को लेकर बुधवार को आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल और नागरिक सुरक्षा निदेशालय के महानिदेशक डॉ. परेश सक्सेना ने संबंधित जिलों के अपर समाहर्ता (आपदा) के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से समीक्षा की। उन्होंने संबंधित जिलों की सायरन व्यवस्था सुनिश्चित करते हुए सायरन के लिए चौक-चौराहों पर लगे साउंड सिस्टम, थानों और फायर ब्रिगेड की गाड़ियों का सहयोग लेने का भी निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जिलों के पदाधिकारी ऊर्जा विभाग से सामंजस्य स्थापित कर ब्लैकआउट की सफलता में सहयोग लेंगे। पदाधिकारी मॉकड्रिल के दौरान अस्पतालों की खिड़कियों पर क्यूबिकल पर्दा या प्राइवेसी कर्टन लगवाना सुनिश्चित करेंगे। आपदा प्रबंधन विभाग प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल ने आम जनों से अपील करते हुए कहा कि 14 मई की शाम सात बजे से 07:15 के बीच होने वाले ब्लैकआउट के दौरान घबराएं नहीं। ब्लैकआउट के दौरान अपार्टमेंट में जेनरेटर न चलाएं। मोबाइल स्क्रीन, टॉर्च या अन्य किसी प्रकाश स्रोत का इस्तेमाल ना कर पूर्ण ब्लैक आउट में सहयोग करें। प्रधान सचिव ने कहा कि किसी भी तरह की संभावित आपदा से बचाव और सुरक्षा के लिए नियमित पूर्वाभ्यास आवश्यक है। इससे आमजन में आपदा प्रबंधन संबंधी जागरूकता के प्रसार होता है।
