भरत भूषण तिवारी के गांव बिलौटी में श्राद्धकर्म के दौरान महाभोज का आयोजन किया गया। इस दौरान पंद्रह हजार लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। भरत तिवारी एनकाउंटर के बाद से उनके गांव में लोगों के आने- जाने का सिलसिला जारी है। श्राद्धकर्म में शामिल होने के लिए दूर- दराज से लोग पहुंचे थे। भंडारे के आयोजन में पहुंचे लोगों को प्रसाद ग्रहण कराया गया। परिजनों ने 15 हजार लोगों के खाने की व्यवस्था की थी। इस मौके पर भारी संख्या में ग्रामीण भी मौजूद रहे। सुबह से ही कारीगर लग गए थे। प्रसाद बनाने के लिए अनाज और बाकी चीजों की व्यवस्था कर दी गई थी। भारी संख्या में लोग पहुंचे थे। इस मौके पर यूपी से भी बड़ी संख्या में लोग आए थे। भारी संख्या में पहुंचे लोगों ने दोषी पुलिस वालों पर त्वरित कार्रवाई की मांग की। पुलिस वालों को गिरफ्तार कर जेल भेजने की बात कही जा रही है। लोग आक्रोश में दिखे। वहीं हमेशा की तरह भरत तिवारी के घर पर मीडिया कर्मियों का तांता लगा रहा। यूट्यूबर लगातार वहां डेरा डाले हुए हैं। ध्यान रहे कि 17 जून को भरत तिवारी का एनकाउंटर कर दिया गया था। भरत ने उस दौरान फेसबुक पर लाइव होकर वीडियो शूट किया था। उस वीडियो में दिख रहा था कि भरत तिवारी ने पिस्तौल फेंक दिया है। वीडियो में ये भी दिखा था कि एक पुलिस वाले ने पिस्तौल को उठा लिया है। उसके बाद उनका एनकाउंटर कर दिया गया। जिसके बाद पुलिस की मंशा पर सवाल उठी। पहले तीन गोली मारने की बात कही गई। लेकिन पोस्टमार्टम वाले डॉक्टर ने बताया कि प्राइवेट पार्ट और छाती में भी गोली मारी गई थी। घटना के बाद बिहार सरकार ने दोषी पुलिस वालों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। उसके बाद पूर्व जस्टिस विनोद सिन्हा के नेतृत्व में न्यायिक जांच आयोग का गठन किया। इस आयोग के प्रमुख रिटायर्ड जस्टिस विनोद सिन्हा भरत तिवारी के गांव भी पहुंचे थे। उसके अलावा भरत तिवारी के घर पर नेताओं के साथ सामाजिक कार्यकर्ताओं और विधायकों के पहुंचने का सिलसिला आज भी जारी है। भरत तिवारी एनकाउंटर को जाति के चश्मे से देखने को लेकर भी बवाल हो चुका है।
