जलपाईगुड़ी क्षेत्र में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने सिक्किम और उत्तरी पश्चिम बंगाल में जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। सिक्किम में दो बड़े स्थानों पर हुए नए भूस्खलन (लैंडस्लाइड) के कारण प्रमुख राजमार्गों पर यातायात पूरी तरह से ठप हो गया है, जिससे राज्य का संपर्क अन्य हिस्सों से एक बार फिर टूट गया है। सड़कों पर भारी मात्रा में मलबा, बोल्डर और पेड़ गिर जाने की वजह से सैकड़ों वाहन बीच रास्ते में ही फंसे हुए हैं। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) और स्थानीय प्रशासन की टीमें मलबे को साफ करने और रास्तों को दोबारा खोलने के लिए लगातार काम कर रही हैं, लेकिन लगातार हो रही बारिश के कारण राहत कार्यों में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
दूसरी ओर, इस मूसलाधार बारिश का भयानक असर पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी जिले में भी देखने को मिला है। तीस्ता और अन्य पहाड़ी नदियों के जलस्तर में अचानक हुई भारी वृद्धि के कारण बाढ़ और मूसलाधार बारिश का पानी जलपाईगुड़ी शहर के कई निचले इलाकों और रिहायशी कॉलोनियों के भीतर घुस गया है। शहर की मुख्य सड़कें और गलियां पूरी तरह जलमग्न (इनंडेटेड) हो चुकी हैं, जिससे लोगों का घरों से निकलना दूभर हो गया है। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर प्रभावित इलाकों में अलर्ट जारी कर दिया है और जलभराव वाले क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने के लिए आपदा प्रबंधन की टीमों को तैनात किया है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक इस पूरे क्षेत्र में भारी से बहुत भारी बारिश का सिलसिला जारी रहने का अनुमान जताया है, जिसके मद्देनजर दोनों राज्यों के जिला प्रशासनों ने स्थानीय लोगों और पर्यटकों को बेहद सतर्क रहने की हिदायत दी है।
