हाल ही क्षतिग्रस्त हुए बिहार के भागलपुर शहर के विक्रमशिला सेतु पर यातायात बहाली को लेकर सरकार ने युद्धस्तर पर तैयारी शुरू कर दी है. विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने के बाद लोगों को हो रही भारी परेशानी को देखते हुए पथ निर्माण विभाग ने बुधवार को उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की. बैठक की अध्यक्षता विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल ने की, जिसमें बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेशन (BRO), आईआईटी पटना की टीम और पुल निर्माण विशेषज्ञ शामिल हुए. बैठक में विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त स्पैन की स्थिति, मरम्मत कार्य, डिजाइन और यातायात बहाली की टाइमलाइन पर विस्तार से चर्चा की गई. अधिकारियों ने प्रस्तुतीकरण के जरिए सेतु के डैमेज हिस्से की मरम्मत और वैकल्पिक यातायात व्यवस्था की जानकारी दी. बैठक में सबसे अहम फैसला यह लिया गया कि लोगों की परेशानी कम करने के लिए BRO (Border Road Organisation) की मदद से जल्द एक बेली ब्रिज तैयार किया जाएगा. सचिव पंकज कुमार पाल ने कहा कि विक्रमशिला सेतु भागलपुर और आसपास के जिलों की लाइफलाइन है, इसलिए जल्द से जल्द आंशिक यातायात बहाल करना सरकार की प्राथमिकता है. उन्होंने बताया कि बेली ब्रिज बनने के बाद सीमित रूप से वाहनों का परिचालन शुरू किया जाएगा ताकि लोगों को राहत मिल सके.
सरकार ने यह भी तय किया है कि बेली ब्रिज के साथ-साथ स्थायी समाधान के तौर पर ट्रस ब्रिज का निर्माण भी समानांतर रूप से किया जाएगा. अधिकारियों के अनुसार इस ट्रस ब्रिज को दो महीने के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. यह ट्रस ब्रिज दो लेन का होगा और इसमें पैदल यात्रियों के लिए अलग से व्यवस्था भी की जाएगी. तकनीकी विशेषज्ञों ने बैठक में इसकी डिजाइन और निर्माण प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा की. आईआईटी पटना की टीम पूरे विक्रमशिला सेतु का सेफ्टी ऑडिट कर रही है. सचिव ने बताया कि तीन सप्ताह के भीतर इसकी रिपोर्ट आने की उम्मीद है. इसी रिपोर्ट के आधार पर सेतु की दीर्घकालिक मरम्मत और मजबूती को लेकर आगे की रणनीति तय की जाएगी.
बैठक के दौरान सचिव ने साफ कहा कि मरम्मत और यातायात बहाली के कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने मुख्य अभियंता समेत संबंधित अधिकारियों को स्थल पर लगातार कैंप करने और काम की मॉनिटरिंग करने का निर्देश दिया. सरकार का दावा है कि तकनीकी विशेषज्ञों और एजेंसियों के सहयोग से जल्द ही विक्रमशिला सेतु पर यातायात सामान्य करने की दिशा में तेजी से काम किया जाएगा.
