सम्राट मंत्रिमंडल में क्षेत्रीय संतुलन बनाने का भी प्रयास किया गया है। हालांकि, इसमें मिथिला, तिरहुत, मगध और अंग का दबदबा है। मिथिला से सात मंत्री बनाए गए हैं। तिरहुत, अंग और मगध से छह-छह मंत्रियों को जगह दी गई है। सबसे कम चंपारण से एक मंत्री बने हैं। वहीं, शाहाबाद से तीन, सीमांचल, कोसी और सारण से दो-दो मंत्रिमंडल में जगह दी गई है। सरकार गठन के 21 दिनों बाद गुरुवार को मंत्रिमंडल विस्तार के तहत 32 मंत्रियों ने शपथ ली है। सम्राट मंत्रिमंडल में राज्य के 24 जिले को जगह मिली है। वहीं, 14 जिले को प्रतिनिधित्व के लिए इंतजार करना पड़ेगा। नवंबर 2025 में बनी नीतीश सरकार में 22 जिले को प्रतिनिधित्व मिल पाया था।
जिलों का प्रतिनिधित्व देखा जाए तो सबसे ज्यादा मधुबनी और वैशाली से तीन-तीन मंत्री बनाए गए हैं। वैशाली से पातेपुर विधायक लखेंद्र रौशन, महुआ विधायक संजय कुमार सिंह के अलावा रालोमो सुप्रीमो उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश मंत्री बने हैं। मधुबनी से झंझारपुर विधायक नीतीश मिश्रा, फुलपरास विधायक शीला मंडल और खजौली विधायक अरुण शंकर प्रसाद शामिल हैं। मिथिला क्षेत्र से सात मंत्री बनाए गए हैं, पिछली बार यहां से छह मंत्रियों को जगह दी गई थी। तिरहुत का कोटा भी चार से बढ़कर छह हो गया है। मगध क्षेत्र में पटना, नालंदा, शेखपुरा के अलावा मगध प्रमंडल के पांच जिले शामिल हैं। मगध क्षेत्र से छह मंत्री बने हैं, पिछली बार सात मंत्री बने थे। नितिन नवीन के राज्यसभा में जाने के बाद पटना जिले से सिर्फ रामकृपाल यादव को जगह मिल पाई है। अंग क्षेत्र से मंत्रियों की संख्या बढ़कर छह हो गई
मुख्यमंत्री के अंग से मंत्रियों की संख्या बढ़कर छह हो गई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, विजय कुमार सिन्हा, श्रेयसी सिंह के अलावा यहां से दामोदर रावत, कुमार शैलेंद्र, बुलो मंडल को मंत्री बनाया गया है। शाहाबाद में पुराने दोनों चेहरों संजय टाइगर और जमा खान के साथ ही भगवान सिंह कुशवाहा को स्थान मिला है। सारण क्षेत्र के दोनों मंत्री गोपालगंज जिले के हैं। यहां से भोरे विधायक सुनील कुमार के अलावा बैकुंठपुर विधायक मिथिलेश तिवारी को जगह मिली है। लेशी सिंह और दिलीप जायसवाल पुराने चेहरे हैं। वहीं, कोसी से उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र यादव के अलावा सोनबरसा विधायक रत्नेश सादा को मंत्रिमंडल में जगह दी गई है।
