गुवाहाटी में वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे वनडे मैच में भारत द्वारा 406 रनों के लक्ष्य को सफलतापूर्वक हासिल करके इतिहास रचे जाने के बाद, भारतीय हेड कोच गौतम गंभीर ने पिच की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए हैं और इसे खेल के मूल सिद्धांतों के खिलाफ बताया है। बुधवार को खेले गए इस मुकाबले में वेस्टइंडीज ने पहले खेलते हुए जॉन कैंपबेल, शाई होप और अमीर जांगू के शतकों की बदौलत 405 रन बनाए, जिसके जवाब में भारतीय बल्लेबाजों ने कमाल दिखाते हुए 43.3 ओवरों में ही 408 रन बनाकर मैच और सीरीज दोनों अपने नाम कर लिए। हालांकि इस रिकॉर्डतोड़ जीत का जश्न मनाने के बजाय गंभीर ने मैच के बाद मीडिया से बातचीत में तीखी प्रतिक्रिया दी और कहा कि जब कोई गेंदबाज ऐसी पिचों पर गेंदबाजी करता है जहाँ स्कोर बोर्ड पर 800 से ज्यादा रन टंग जाते हैं, तो वह स्थिति गेंदबाजों के लिए बिल्कुल भी सही नहीं होती। गंभीर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भले ही ऐसी रन-फेस्ट पारियां रिकॉर्ड बुक्स और दर्शकों के लिए मनोरंजन का बड़ा साधन बनती हों, लेकिन बल्ले और गेंद के बीच असली मुकाबला न होने के कारण इसे सच्चा क्रिकेट नहीं कहा जा सकता और पिचों पर गेंदबाजों के लिए भी कुछ मदद होनी चाहिए।
