देश की प्रमुख पब्लिक हेल्थ संस्था, रॉबर्ट कोच इंस्टीट्यूट (RKI) ने गुरुवार को बताया कि जर्मनी में साल की शुरुआत से 9 अगस्त के बीच गर्मी से जुड़ी वजहों से लगभग 14,000 लोगों की मौत हुई है। गर्मी से होने वाली मौतों पर RKI की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, यह आंकड़ा हर 1,00,000 लोगों पर लगभग 17 मौतों के बराबर है। इस साल अब तक दर्ज की गई गर्मी से जुड़ी मौतों की संख्या किसी भी पिछले पूरे साल के कुल आंकड़े से ज़्यादा है। जर्मन समाचार एजेंसी dpa की रिपोर्ट के अनुसार, पिछला रिकॉर्ड 2018 में बना था, जब गर्मी से जुड़ी लगभग 9,000 मौतें दर्ज की गई थीं। RKI ने कहा कि जर्मनी में इस साल गर्मी से जुड़ी मौतों की अनुमानित संख्या लगातार बढ़ रही है। हीटवेव से बुज़ुर्गों को सबसे ज़्यादा खतरा है; 75 साल और उससे ज़्यादा उम्र के लोगों में गर्मी से जुड़ी अतिरिक्त मौतों में तेज़ी से बढ़ोतरी हुई है। शिन्हुआ समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, इस उम्र के लोगों की मौतें इस साल अब तक दर्ज की गई गर्मी से जुड़ी मौतों में से लगभग 10,500 थीं। पिछले महीने, विश्व स्वास्थ्य संगठन के यूरोप के क्षेत्रीय कार्यालय (WHO/Europe) ने चेतावनी दी थी कि अत्यधिक गर्मी स्वास्थ्य के लिए एक बढ़ती हुई चुनौती है और लोगों व सरकारों से तैयारी बेहतर करने का आग्रह किया था। एक प्रेस विज्ञप्ति में यूरोप को सबसे तेज़ी से गर्म होने वाला महाद्वीप बताते हुए—जहाँ तापमान वैश्विक औसत दर से लगभग दोगुना तेज़ी से बढ़ रहा है—एजेंसी ने कहा कि खतरनाक रूप से उच्च तापमान ने स्वास्थ्य और सामाजिक देखभाल सहित ज़रूरी सेवाओं पर अचानक दबाव डाला है। WHO के यूरोप के क्षेत्रीय निदेशक हैंस हेनरी पी. क्लुगे ने कहा कि पिछले चार वर्षों में इस क्षेत्र में गर्मी के कारण 2,00,000 से ज़्यादा लोगों की जान गई है, जबकि पिछले दो दशकों में गर्मी से जुड़ी मौतों में 30 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। क्लुगे ने कहा, “लेकिन गर्मी से जुड़ी मौतें अपरिहार्य नहीं हैं।” उन्होंने तापमान के चरम पर पहुँचने से पहले शुरुआती चेतावनी, ठंडे शहर, पानी और छाया तक बेहतर पहुँच, कमज़ोर आबादी के लिए सहायता और बेहतर तैयारी वाले स्वास्थ्य प्रणालियों की आवश्यकता पर ज़ोर दिया।
