मानगो नगर निगम की पहली बोर्ड की बैठक में मेयर सुधार गुप्ता एक्शन में नजर आयी. उन्होंने भ्रष्टाचार व अफसरशाही के खिलाफ सीधा प्रहार करते हुए जीरो टॉलरेेंस ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति लागू करने संदश्ेा दिया दिया. उन्होंने कार्य में लापरवाही बरतने वाले नगर निगम कर्मचारी निर्मल को तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त कर दिया गया, जबकि बैठक में अनुपस्थित अधिकारियों को शोकॉज नोटिस जारी करने का निर्देश दिया गया। मानगो नगर निगम बोर्ड की पहली बैठक मेयर सुधा गुप्ता की अध्यक्षता में गुरुवार को एनएच 33 स्थित होटल रिवाह में सुबह करीब 12 बजे से सात बजे शाम तक चली. बैठक में सभी वार्ड पार्षद भी शामिल हुए/
बैठक में शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर बड़ा फैसला लेते हुए कचरा उठाव का कार्य कर रही क्यूब कंपनी का अनुबंध समाप्त कर दिया गया. साथ ही पिछले दो वर्षों के भुगतान पर रोक लगाने व कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का निर्देश भी दिया गया. कचरा प्रबंधन के लिए नई योजना शुरू करने पर भी सहमति बनी. नगर क्षेत्र की बस्तियों के सीमांकन एवं नामांकन, सार्वजनिक शौचालयों के जीर्णोद्धार और रंगरोगन, प्रमुख चौक-चौराहों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने तथा टाउन हॉल, विवाह मंडप और नए नगर निगम कार्यालय के निर्माण को भी मंजूरी दी गई. इसके अलावा ट्रैफिक सुधार के लिए प्रमुख स्थानों पर सिग्नल और फुटओवर ब्रिज बनाने की योजना तैयार की गई. बैठक में डिप्टी मेयर राहुल कश्यप, मागनो नगर निगम के उपनगरायुक्त कृष्ण कुमार समेत अन्य अधिकारी व कर्मचारी समेत सभी वार्ड पार्षद शामिल हुए।
बैठक में एक हजार स्ट्रीट लाइट खरीदने का निर्णय
शहर में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के लिए कई अहम प्रस्ताव पारित किए गए जिसके तहत 1000 नई स्ट्रीट लाइट खरीदने और 7000 से अधिक पुरानी लाइटों की मरम्मत कराने का निर्णय लिया गया. आवारा कुत्तों की समस्या से निपटने के लिए विशेष टीम गठित करने व डॉग शेल्टर निर्माण का प्रस्ताव भी रखा गया।
पार्क व ओपन जिम का होगा जीर्णोद्धार
शहर के सौंदर्यीकरण को ध्यान में रखते हुए पार्क, ओपन जिम, पृथ्वी पार्क और नेचर पार्क के जीर्णोद्धार का प्रस्ताव पारित किया गया. एमजीएम क्षेत्र के तराई इलाके में वॉक-वे निर्माण, वेंडिंग जोन, रिवर फ्रंट डेवलपमेंट व श्रमिकों के लिए शेल्टर होम निर्माण को भी स्वीकृति मिली.जल आपूर्ति और ड्रेनेज व्यवस्था को सुधारने के लिए सभी पानी टंकियों की सफाई, कंसल्टेंसी के माध्यम से सर्वे कराने तथा व्यवस्थित ड्रेनेज सिस्टम विकसित करने का निर्णय लिया गया. जयपाल कॉलोनी से गुजरने वाली पाइपलाइन के कार्य को शुरू करने और विभिन्न जल टंकियों से बाधाएं हटाकर आपूर्ति सुनिश्चित करने की योजना को मंजूरी भी दी गई।
स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से मोबाइल मेडिकल वैन, नए स्वास्थ्य केन्द्र व एम्बुलेंस खरीदने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गई. इसके अलावा 2.30 करोड़ रुपये की एफएसटीपी (फेसल स्लग ट्रीटमेंट प्लांट ) योजना को भी हरी झंडी मिल गई।
