जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम ने खुशरूपुर थानाध्यक्ष पर पांच हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है।
बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम 2015 के तहत एक मामले की सुनवाई के दौरान अस्पष्ट व भ्रामक रिपोर्ट प्रस्तुत करने पर यह कार्रवाई की गई।
साथ ही निर्धारित समय सीमा में मामले का निस्तारण कर स्पष्ट कार्रवाई रिपोर्ट देने को कहा गया है। डीएम शुक्रवार को लोक शिकायत और सेवा शिकायत के द्वितीय अपील में आए 22 मामलों की सुनवाई कर रहे थे। उन्होंने कहा कि लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम का प्रभावी क्रियान्वयन सर्वोच्च प्राथमिकता है। मामला खुशरूपुर थाना क्षेत्र की छोटी नवादा निवासी सुनैना देवी उर्फ सुशीला देवी का है। उन्होंने झगड़े के आवेदन पर थाना स्तर पर कार्रवाई नहीं होने की शिकायत करते हुए द्वितीय अपील दायर की थी।
सुनवाई के दौरान डीएम ने पाया कि थाना स्तर पर गंभीर लापरवाही बरती गई है। रिपोर्ट न केवल अस्पष्ट थी बल्कि तथ्य भी भ्रामक थे। पूछे गए प्रश्नों का भी संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया। इसके अलावा नौबतपुर के रंजन कुमार ने पंचायत सरकार भवन में घटिया सामग्री व घोटाले, बाढ़-मोकामा के बासुकीनाथ मिश्रा के मंदिर संपत्ति के दुरुपयोग व प्राथमिकी दर्ज करने, गर्दनीबाग निवासी इभा पात्रा के जमीन हड़पने की नीयत से पड़ोसी द्वारा परेशान करने, मनोज कुमार ने प्रधानाध्यापक द्वारा झूठा आरोप लगाने की शिकायत पर कार्रवाई नहीं होने के कारण द्वितीय अपील में आए थे।
