केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बिहार को बड़ी खुशखबरी मिलने के संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा कि पटना को बुलेट ट्रेन नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में तेजी से काम हो रहा है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर दिल्ली-लखनऊ-वाराणसी-पटना बुलेट ट्रेन कॉरिडोर प्रस्तावित है। परियोजना पूरी होने के बाद बिहार की राजधानी हाई स्पीड रेल नेटवर्क से जुड़ जाएगी।
इससे यात्रियों को तेज, सुरक्षित और आधुनिक यात्रा सुविधा मिलेगी। बुलेट ट्रेन बिहार के परिवहन परिदृश्य को नई पहचान दे सकती है। रेल मंत्री के अनुसार बुलेट ट्रेन शुरू होने पर पटना से दिल्ली का सफर महज 4 घंटे 41 मिनट में पूरा होगा। वहीं नॉन-स्टॉप सेवा शुरू होने पर यह दूरी चार घंटे से भी कम समय में तय की जा सकेगी। वर्तमान में ट्रेन से यह यात्रा 12 से 16 घंटे तक लेती है। बुलेट ट्रेन से समय की बड़ी बचत होगी। व्यापार, शिक्षा और रोजगार के लिए यात्रा करने वालों को विशेष लाभ मिलेगा। यात्रियों के लिए यह एक बड़ी सुविधा साबित होगी।
अश्विनी वैष्णव ने बताया कि कॉरिडोर दिल्ली से लखनऊ और वाराणसी होते हुए पटना तक पहुंचेगा। भविष्य में इसका विस्तार सिलीगुड़ी तक किए जाने की भी योजना है।
यह परियोजना उत्तर भारत के प्रमुख शहरों को जोड़ने में अहम भूमिका निभाएगी। हाई स्पीड रेल नेटवर्क क्षेत्रीय विकास को भी गति देगा।
बिहार पूर्वी भारत के रेल मानचित्र पर और मजबूत स्थिति में आएगा। परियोजना को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है। देश की पहली हाई स्पीड रेल परियोजना मुंबई-अहमदाबाद कॉरिडोर अगले वर्ष तक तैयार होने की उम्मीद है। रेल मंत्री ने कहा कि इस परियोजना से भारतीय इंजीनियरों को महत्वपूर्ण अनुभव मिला है।
इसी अनुभव का उपयोग अन्य बुलेट ट्रेन परियोजनाओं में किया जाएगा। देशभर में हाई स्पीड रेल नेटवर्क विस्तार की तैयारी चल रही है।
तकनीकी दक्षता और आधुनिक इंजीनियरिंग इसमें अहम भूमिका निभाएगी। बिहार को भी इसका सीधा लाभ मिलने वाला है।
बिहार में कई रेलखंडों पर तीसरी और चौथी लाइन का निर्माण तेजी से जारी है। रेल मंत्री ने कहा कि अगले चार से पांच वर्षों में ये कार्य पूरे हो जाएंगे।
इसके बाद राज्य में लगभग 200 अतिरिक्त ट्रेनों का संचालन संभव होगा। इससे रेल यातायात का दबाव कम होगा। यात्रियों को अधिक ट्रेनों और बेहतर कनेक्टिविटी का लाभ मिलेगा। माल ढुलाई क्षमता में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
