एसकेएमसीएच में इलाज कराने आए एक टीबी मरीज की बिचौलियों के चक्कर में पड़कर जान चली गई। निजी अस्पताल के संचालकों ने सात दिनों में स्वजन से ढाई लाख रुपये वसूल लिए, लेकिन जब मरीज की हालत बिगड़ने लगी तो उसे वापस एसकेएमसीएच भेज दिया।
वहां इलाज के दौरान मरीज की मौत हो गई। मौत के बाद आक्रोशित स्वजन ने निजी अस्पताल के संचालकों पर सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर हंगामा किया। मृतक की पहचान सिवाईपट्टी थाना क्षेत्र के हरसेर गांव निवासी देवेंद्र सहनी के रूप में हुई है। स्वजन ने बताया कि देवेंद्र सहनी को गंभीर स्थिति में इलाज के लिए एसकेएमसीएच लाया गया था। अस्पताल परिसर में ही सक्रिय बिचौलियों ने उन्हें झांसा दिया कि सरकारी अस्पताल में ठीक से इलाज नहीं होगा। बेहतर और त्वरित इलाज का भरोसा देकर वे मरीज को एक निजी अस्पताल ले गए।
वसूला गया ढाई लाख रुपये
स्वजन का आरोप है कि वहां सात दिनों के भीतर इलाज के नाम पर उनसे ढाई लाख रुपये की मोटी रकम वसूली गई। मोटी रकम ऐंठने के बावजूद जब देवेंद्र की सेहत में कोई सुधार नहीं हुआ और उसकी स्थिति अत्यंत नाजुक हो गई, तो निजी अस्पताल के संचालकों ने हाथ खड़े कर दिए।
उन्होंने कानूनी कार्रवाई और बदनामी के डर से मरीज को आनन-फानन में दोबारा एसकेएमसीएच भेज दिया। एसकेएमसीएच लाते ही चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। मरीज की मौत के बाद परिवार में कोहराम मच गया।
स्वजन का कहना है कि वे इस उम्मीद में बिचौलियों के शिकार हुए थे कि उनका मरीज बच जाएगा। कर्ज लेकर उन्होंने ढाई लाख रुपये चुकाए, लेकिन न तो पैसा रहा और न ही मरीज की जान बची।
पीड़ित परिवार ने एसकेएमसीएच ओपी पुलिस और एसकेएमसीएच अधीक्षक से दोषी बिचौलियों तथा निजी अस्पताल के संचालकों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
