केंद्र सरकार ने भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) में अपनी हिस्सेदारी का एक हिस्सा बेचने का फैसला किया है। सरकार दो दिवसीय ऑफर फॉर सेल (OFS) के माध्यम से एलआईसी की 6.5 प्रतिशत तक हिस्सेदारी बेचने जा रही है। इस बिक्री के लिए ₹382 प्रति शेयर का फ्लोर प्राइस निर्धारित किया गया है। यह ओएफएस मंगलवार, 4 अगस्त 2026 से शुरू होगा।
सरकार इस प्रक्रिया के तहत 82.22 करोड़ से अधिक शेयर बाजार में पेश करेगी। यदि यह निर्गम पूरी तरह सफल रहता है, तो सरकार को लगभग ₹31,000 करोड़ की प्राप्ति होने की उम्मीद है। यह राशि सरकार के विनिवेश (Disinvestment) कोष को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
सरकार का उद्देश्य सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में रणनीतिक विनिवेश के माध्यम से संसाधन जुटाना तथा पूंजी बाजार में निवेशकों की भागीदारी को बढ़ावा देना है। एलआईसी देश की सबसे बड़ी जीवन बीमा कंपनी होने के कारण इस हिस्सेदारी बिक्री पर निवेशकों और बाजार की विशेष नजर रहेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम सरकार के विनिवेश कार्यक्रम को गति देने के साथ-साथ वित्तीय संसाधन जुटाने की रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। बाजार विश्लेषकों के अनुसार, ओएफएस की सफलता निवेशकों की मांग और बाजार की परिस्थितियों पर निर्भर करेगी। यह विनिवेश प्रक्रिया मौजूदा वित्तीय वर्ष में सरकार के प्रमुख आर्थिक कदमों में से एक मानी जा रही है।
