Muzaffarpur: Police personnel console grieving family members outside Prasad Hospital after a fire in its ICU claimed at least three lives, in Muzaffarpur district, Bihar, on Thursday, June 04, 2026. (Photo: IANS)
मुजफ्फरपुर के प्रसाद अस्पताल के आईसीयू में लगी भीषण आग में सात मरीजों की दर्दनाक मौत के बाद, बिहार के जिला प्रशासन ने निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम के खिलाफ एक बहुत बड़ा जांच और प्रवर्तन अभियान शुरू किया है. इस भीषण त्रासदी की पुनरावृत्ति को रोकने और सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों की संयुक्त टीमों ने मुजफ्फरपुर के प्रमुख मेडिकल हब, श्री कृष्ण मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (एसकेएमच) के आसपास के इलाकों में ताबड़तोड़ औचक निरीक्षण किए. अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ पूर्वी) तुषार कुमार के नेतृत्व में की गई इस त्वरित कार्रवाई के दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाले तेरह निजी स्वास्थ्य केंद्रों और अल्ट्रासाउंड केंद्रों को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया है.
प्रशासन द्वारा गठित तीन अलग-अलग निरीक्षण टीमें इन अस्पतालों में अग्निशमन सुरक्षा प्रणाली, आपातकालीन निकास द्वारों, वेंटिलेशन व्यवस्था, क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट नियमों के तहत जरूरी दस्तावेजों और योग्य डॉक्टरों व स्टाफ की उपलब्धता की गहनता से जांच कर रही हैं. सील किए गए संस्थानों में बालाजी हेल्थ केयर, रेडियस हेल्थ केयर, संतोष चाइल्ड केयर हॉस्पिटल, आशा हेल्थ केयर और श्री गंगाराम इमरजेंसी हॉस्पिटल जैसे प्रमुख नाम शामिल हैं. प्रशासन ने सख्त चेतावनी दी है कि मरीजों की जान जोखिम में डालकर बिना एनओसी या अवैध रूप से चल रहे किसी भी चिकित्सा संस्थान को बख्शा नहीं जाएगा और यह अभियान केवल शहरी क्षेत्रों तक सीमित न रहकर पूरे जिले में लगातार जारी रहेगा. इस औचक कार्रवाई से निजी स्वास्थ्य सेवा ऑपरेटरों के बीच हड़कंप मच गया है और कई संस्थान आनन-फानन में अपनी कमियों को दूर करने में जुट गए हैं.
