पटना में ऑटो और ई-रिक्शा चालकों की हड़ताल से आम लोगों को मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है। भीषण गर्मी के बीच सड़कों पर लोग परेशान हैं और ऑटो वाले अपनी मांगों के समर्थन में डटे हुए हैं। ऑटो और ई-रिक्शा से सफर से सफर करने वालों को आज भीषण गर्मी के बीच भारी मुसीबत का सामना करना पड़ेगा। राजधानी पटना में अपनी कई मांगों को लेकर आज ऑटो और ई-रिक्शा चालक हड़ताल पर रहेंगे। पटना की सड़कों पर सुबह से ही सन्नाटा पसरा हुआ है। घर से ऑटो पकड़ने के लिए निकले लोगों को मुसीबत झेलनी पड़ रही है। हड़ताल की वजह से ऑटो चालक लोगों को कही लेकर नहीं जा रहे हैं। दफ्तर जाने के लिए घर से निकलने लोगों के लिए समय पर ऑफिस पहुंच पाना मुश्किल हो गया है। पटना स्थित बुद्ध स्मृति पार्क स्थित मल्टी लेवल पार्किंग और मल्टी मॉडल हब से संचालित विभिन्न रूटों के ऑटो और ई-रिक्शा चालक सोमवार को हड़ताल पर हैं। यह निर्णय रविवार को ऑटो संगठनों ने लिया था।
बिहार राज्य ऑटो रिक्शा चालक संघ के महासचिव मुर्तजा अली, प्रगतिशील ऑटो यूनियन के नेता नथुनी साह, महासचिव नवीन मिश्रा, गांधी मैदान ऑटो चालक संघ के विजय कुमार और सीताराम कुमार ने इसकी जानकारी दी थी। नेताओं के अनुसार, मल्टी लेवल पार्किंग और मल्टी मॉडल हब से नेहरू रोड, बोरिंग रोड, राजापुर, पाटलिपुत्र स्टेशन, गांधी मैदान समेत सभी रूटों पर चलने वाले ऑटो तथा रिजर्व ऑटो भी हड़ताल में शामिल रहेंगे। नवीन मिश्रा ने बताया कि उनकी प्रमुख मांगों में डाकबंगला से पटना जंक्शन तक आने-जाने वाले ऑटो और ई-रिक्शा के संचालन को व्यवस्थित करना, स्टेशन गोलंबर से डाकबंगला तक संचालित अवैध स्टैंडों पर कार्रवाई तथा मल्टी मॉडल हब से जीपीओ गोलंबर तक लगने वाले अवैध ई-रिक्शा स्टैंड को बंद करना शामिल है। इतना ही नहीं संघ की तरफ से यह भी जानकारी दी गई है कि सोमवार की सुबह 11 बजे मल्टी लेवल पार्किंग ऑटो स्टैंड से डाकबंगला चौराहा होते पटना जंक्शन तक आक्रोश मार्च निकाला जाएगा। ऑटो संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया तो आगे पटना जिले में व्यापक हड़ताल की जाएगी।
मुर्तजा अली ने कहा कि सड़क किनारे वाहन खड़ा कर सवारी बैठाने पर रोक लगाई जानी चाहिए और यात्रियों को केवल निर्धारित स्टैंड से ही बैठाया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि फुलवारीशरीफ से पटना के लिए वर्तमान 25 रुपये किराये को बढ़ती पेट्रोल और सीएनजी कीमतों के मद्देनजर 30 रुपये करने की मांग जिला प्रशासन के समक्ष रखी जाएगी।
