बिहार के नालंदा में दर्दनाक हादसा हुआ है. जहां ईंट भट्ठे से मजदूरी कर लौट रहे मजदूरों से भरी स्लीपर बस हाई टेंशन तार की चपेट में आ गई. इस घटना में कई लोग झुलस गए हैं. वहीं दो लोगों की मौत हो चुकी है. सभी घायलों को विम्स पावापुरी में भर्ती कराया गया है.
घटना पावापुरी थाना क्षेत्र शंभु शरण बीएड कॉलेज के पास की है. इस हादसे में घोसरावां निवासी दंपत्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि करीब 10 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. मृतकों की पहचान रूदल मांझी (40) और उनकी पत्नी फूलो देवी (35) के रूप में हुई है. हाई टेंशन तार के संपर्क में आई बस:ये सभी मजदूर बेतिया से काम कर घर घोसरावां जा रहे थे लेकिन दो किलोमीटर पहले ही बस हाई टेंशन तार के संपर्क में आ गई. असल में बस में लदी साइकिल का हैंडल सड़क के ऊपर से गुजर रही 11 हजार वोल्ट की बिजली तार से टकरा गया.
बताया जाता है कि तार काफी नीचे लटका हुआ था. टकराते ही बस में करंट दौड़ गया और यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई. जान बचाने के लिए कई यात्री बस से कूद पड़े, जबकि कुछ अंदर ही करंट की चपेट में आ गए. सभी घायलों को तत्काल भगवान महावीर आयुर्विज्ञान संस्थान, पावापुरी में भर्ती कराया गया है. घटना के बाद ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है. लोगों ने बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है. प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है.
बेतिया जिला से आ रहे थे अपने घर जा रहे थे. जैसे ही बस शंभु शरण शिव मंदिर के पास से गुजरी, बस में करंट लग गया. चाची और चाचा की मौत हो गई.”- एसडीएम सूर्य प्रकाश गुप्ता और राजगीर डीएसपी संजीत कुमार गुप्ता ने अस्पताल पहुंचकर घायलों का हाल-चाल लिया. उन्होंने पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजे का भरोसा दिलाया है. एसडीएम ने कहा कि मृतकों के परिजनों को आज ही बिजली विभाग के नियमों के अनुसार 4-4 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा. डीएसपी ने कहा कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है.
“प्रथम दृष्टया मामला बस के ऊपर रखी साइकिल के तार से टकराने का प्रतीत हो रहा है. प्रशासन की ओर से की गई बातचीत में अधिकारियों ने बताया कि बिजली विभाग भी इस मामले की जांच कर रहा है.” हालांकि बिजली विभाग का कहना है कि बिजली के तार की ऊंचाई मानक के अनुरूप सही थी लेकिन बस की छत पर लदी साइकिल की ऊंचाई अधिक होने के कारण वह 11 हजार वोल्ट के तार की चपेट में आ गई.
