पटना सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड में कार्यरत एक सहायक प्रबंधक पर फर्जी स्नातक डिग्री के आधार पर नौकरी हासिल करने का आरोप लगा है। इस मामले में बैंक के विकास अधिकारी हिमांशु भूषण ने पटना के गांधी मैदान थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है। मामला सामने आने के बाद बैंकिंग महकमे में हड़कंप मच गया है। नालंदा का रहने वाला है आरोपी
प्राथमिकी के अनुसार, नालंदा जिले के सिलाव थाना क्षेत्र स्थित नेपुरा गांव निवासी अशोक प्रसाद के पुत्र उत्तम कुमार बैंक में सहायक प्रबंधक के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने 25 नवंबर 2019 को बैंक में योगदान दिया था। नियुक्ति के समय प्रस्तुत किए गए उनके स्नातक डिग्री प्रमाणपत्र की सत्यता जांच के लिए संबंधित विश्वविद्यालय को भेजी गई थी।
जांच के दौरान मानव भारती विश्वविद्यालय ने बैंक को लिखित रूप से सूचित किया कि प्रस्तुत डिग्री प्रमाणपत्र फर्जी है। विश्वविद्यालय ने यह भी स्पष्ट किया कि उत्तम कुमार कभी वहां के छात्र नहीं रहे हैं। इसके बाद बैंक प्रबंधन ने इसे धोखाधड़ी का मामला मानते हुए कार्रवाई शुरू की। बैंक अफसरों की जांच में खुला भेद
नालंदा में बैंक के विकास अधिकारी ने आरोप लगाया है कि उत्तम कुमार ने फर्जी शैक्षणिक प्रमाणपत्र और गलत जानकारी देकर नौकरी प्राप्त की। प्रबंध निदेशक के निर्देश पर उनके खिलाफ गांधी मैदान थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पहले से गबन के केस में है सस्पेंड
बैंक अधिकारियों के अनुसार, उत्तम कुमार पहले से ही एटीएम से हेराफेरी कर एक करोड़ रुपये से अधिक के कथित गबन के मामले में निलंबित चल रहे हैं। इस मामले में साल 2024 में भी गांधी मैदान थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। बताया जाता है कि गबन का मामला सामने आने के बाद बैंक प्रबंधन उनकी गतिविधियों और अभिलेखों की गहन जांच कर रहा था। इसी क्रम में उनके शैक्षणिक प्रमाणपत्रों का सत्यापन कराया गया, जिसमें डिग्री फर्जी होने का खुलासा हुआ। गांधी मैदान थानाध्यक्ष ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।
