September 22, 2026
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बिहार में अवैध बालू परिवहन करने वालों के खिलाफ अब कार्रवाई और तेज होगी। खान एवं भूतत्व विभाग ने जब्त वाहनों को लेकर नया निर्देश जारी किया है। इसके तहत वाहन मालिक या चालक को 30 दिनों के अंदर जुर्माना जमा करना अनिवार्य होगा। तय समय में राशि जमा नहीं करने पर जब्त वाहन को राज्यसात करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी और बाद में उसकी नीलामी कर बकाया राशि की वसूली की जाएगी।

विभाग के निर्देश के अनुसार, अवैध बालू ढुलाई में पकड़े गए वाहन के मालिक या चालक को शमन शुल्क और खनिज मूल्य की राशि निर्धारित समय सीमा के भीतर जमा करनी होगी। इसके लिए 30 दिन की अवधि तय की गई है।

यदि 30 दिनों के भीतर जुर्माने की राशि जमा नहीं की जाती है तो वाहन को सरकारी स्वामित्व में लेने यानी राज्यसात करने की कार्रवाई शुरू होगी। इसके बाद नियमों के तहत वाहन की नीलामी की जाएगी।

खान एवं भूतत्व विभाग की ओर से जिलों की समीक्षा के दौरान सामने आया कि जब्त वाहनों की संख्या के मुकाबले राज्यसात करने के लिए समाहर्ता को भेजे गए प्रस्तावों की संख्या काफी कम है। विभाग ने इसे गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को कार्रवाई में तेजी लाने का निर्देश दिया है।

समीक्षा में यह भी पाया गया कि कई जिलों में बिहार खनिज नियमावली के नियम 56 का पूरी तरह पालन नहीं किया जा रहा है। नियम के मुताबिक, 30 दिनों के भीतर जुर्माना जमा नहीं होने पर वाहन को राज्यसात की कार्रवाई के लिए भेजना जरूरी है।

विभाग ने सभी सहायक निदेशक और खनिज विकास पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि समय सीमा पूरी होते ही राज्यसात और अधिहरण से संबंधित प्रस्ताव बिना देरी के समाहर्ता को भेजे जाएं। जिन मामलों में समाहर्ता स्तर पर सुनवाई लंबित है, वहां जिला विधि शाखा के साथ समन्वय कर प्रक्रिया जल्द पूरी कराने को कहा गया है।

विभाग का उद्देश्य शमन शुल्क और खनिज मूल्य की राशि की समय पर वसूली करना है। समाहर्ता के आदेश के बाद जब्त वाहनों की नीलामी की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी।

सरकार की इस कार्रवाई से अवैध बालू कारोबार में इस्तेमाल होने वाले वाहनों के मालिकों पर दबाव बढ़ेगा। साथ ही अवैध बालू ढुलाई पर रोक लगाने और राजस्व वसूली में तेजी आने की उम्मीद है।

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