शाहपुर थाना क्षेत्र के दियारा अंतर्गत हेतनपुर घाट पर रविवार की सुबह गंगा में स्नान कर रहे तीन किशोर डूब गए। घटना की जानकारी मिलते ही घाट किनारे मौजूद लोग और स्वजन दौड़े और काफी प्रयास के बाद सभी को बाहर निकाला गया। किशोरों को अनुमंडलीय अस्पताल लाया गया, जहां चिकित्सक ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतकों में धर्मवीर राय का पुत्र पीयूष कुमार (10 वर्ष), सत्येंद्र राय का पुत्र तेज कुमार (12 वर्ष) और अमिताभ बच्चन राय का पुत्र प्रिंस कुमार (13 वर्ष) शामिल हैं। तीनों दियारा क्षेत्र के हेतनपुर गांव के निवासी थे। घटना की सूचना मिलते ही मृतकों के स्वजन अस्पताल पहुंच गए और चीख-पुकार मच गई। गांव से लेकर अस्पताल तक मातम का माहौल था। अंचलाधिकारी चंदन कुमार और थानाध्यक्ष नवीन कुमार सिंह भी अस्पताल पहुंचे और आवश्यक कार्रवाई में जुट गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तीनों बच्चे गांव के अन्य बच्चों के साथ गंगा में स्नान करने हेतनपुर घाट पर गए थे। जिला पार्षद प्रतिनिधि रंजीत यादव ने बताया कि सुबह करीब 9:00 बजे सभी लड़के नहाने गए थे। कुछ देर बाद तीनों बच्चे गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। साथ में नहाने वाले बच्चों ने उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन वे सफल नहीं हो सके और तीनों डूब गए।
डूबते बच्चों को देखकर अन्य बच्चों ने शोर मचाया, जिसके बाद वहां उपस्थित ग्रामीण दौड़े और सभी को बाहर निकाला। स्थिति गंभीर होने पर तीनों को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सक ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
घटना की जानकारी मिलते ही पूर्व जिला पार्षद ओम प्रकाश, पूर्व मुखिया कन्हैया राय समेत अन्य जनप्रतिनिधि भी अस्पताल में पहुंच गए। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और बाद में स्वजन को सौंप दिया। अस्पताल पहुंचे अनुमंडलाधिकारी अनिरुद्ध पांडेय ने पीड़ित परिवारों को पारिवारिक लाभ योजना के तहत तत्काल सहायता के रूप में 20-20 हजार का चेक प्रदान किया। अंचलाधिकारी ने कहा कि जल्द ही सभी प्रक्रियाएं पूरी कर मृतकों के स्वजन को चार-चार लाख का चेक प्रदान किया जाएगा। हेतनपुर गांव में रविवार को मातमी सन्नाटा छा गया। एक साथ तीन बच्चों के डूबने से ग्रामीण मर्माहत दिखे। पोस्टमार्टम के बाद जब तीनों किशोरों के शव गांव पहुंचे, तो पूरा माहौल गमगीन हो गया। लोगों में घटना को लेकर चर्चा होती रही। मृतक पीयूष, तेज और प्रिंस के घर पर लोगों की भीड़ लग गई।
तेज की मां संजू देवी और प्रिंस की मां मनती देवी अस्पताल में अपने बच्चों के शव से लिपटकर चीत्कार करती रहीं। पीयूष के स्वजन भी शोक में डूबे रहे। ग्रामीणों ने बताया कि पीयूष दानापुर के मुबारकपुर में रहकर पढ़ाई करता था। शनिवार को वह अपने मामा के यहां हाबसपुर डेरा गया था।
बताया जाता है कि उसके मामा की शादी थी। शनिवार को हल्दी कलश में शामिल होकर रात में ही पीयूष वापस गांव हेतनपुर आया था। रविवार की सुबह वह गांव के दोस्तों के साथ गंगा में स्नान करने गया था। उसकी मां शादी में शामिल होने गई थी।
