टाटा स्टील प्रबंधन ने डिजिटल व सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए कर्मचारियों के लिए सोशल मीडिया गाइडलाइंस जारी की गई हैं. जारी दिशा-निर्देशों में कहा गया है कि सोशल मीडिया आज लोगों के जीवन का अहम हिस्सा बन चुका है, ऐसे में कर्मचारियों को ऑनलाइन व्यवहार में पारदर्शिता, जिम्मेदारी व संयम बनाए रखना आवश्यक है. इसके तहत इंटरनेट मीडिया पर बिना पुष्ट के भ्रामक पोस्ट, गोपनीय दस्तावेज व बिना रजामंदी के किसी की फोटो साझा करने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ सीधी कार्रवाई की जाएगी. ऐसे में गाइडलाइन का पालन नहीं करने वाले अधिकारियों या कर्मचारियों की नौकरी भी जा सकती है।
टाटा स्टील प्रबंधन जो गाइडलाइन जारी किया है उसमें स्पष्ट कहा गया है कि सभी कर्मचारी कंपनी के ‘ब्रांड कस्टोडियन’ हैं, इसलिए सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की पोस्ट, टिप्पणी या जानकारी साझा करते समय सावधानी बरतना जरूरी है्र कर्मचारियों को सलाह दी गई है कि वे किसी भी सूचना को साझा करने से पहले उसकी सत्यता की जांच अवश्य करें द बिना पुष्टि के किसी खबर या संदेश को आगे न बढ़ाएं्र निर्देशों के अनुसार कर्मचारियों को सोशल मीडिया पर साझा की गई जानकारी के लिए पूरी तरह जवाबदेह माना जाएगा्र साथ ही कंपनी की गोपनीय या स्वामित्व संबंधी जानकारी सार्वजनिक करने पर रोक लगायी गई है. कर्मचारियों को सहकर्मियों, ग्राहकों, सप्लायर्स और अन्य संबंधित पक्षों की निजता का सम्मान करने की भी सलाह दी गई है।
गाइडलाइन में यह भी कहा गया है कि कर्मचारी आपत्तिजनक या भडक़ाऊ विषयों से दूर रहें तथा यदि किसी पोस्ट में गलती हो जाए तो उसे तुरंत स्वीकार कर सुधार करें. किसी आपत्तिजनक सामग्री की जानकारी मिलने पर कॉर्पोरेट कम्युनिकेशन विभाग को सूचित करने को कहा गया है. प्रबंधन ने उम्मीद जताई है कि कर्मचारी सोशल मीडिया का सकारात्मक व जिम्मेदार उपयोग कर कंपनी की छवि को मजबूत बनाने में सहयोग करेंगे।
टीडब्ल्यूयू पर दिखेगा खास असर
टाटा स्टील कर्मचारियों का ग्रेेड रिवीजन समझौता को लेकर वार्ता चल रही है ऐसे में सोशल मीडिया के जरिए कई अपुष्ट जानकारी को साझा करने की बातें सामने आती रहती हैं. यहां तक ऐसे शब्दों का भी सोशल मीडिया के जरिए प्रयोग किए जा रहा है जो अनुशासनहीनता को पार करती है. शुक्रवार को कमेटी मीटिंग में भी इन बातों पर चर्चा हुई. यूनियन की अनुशासनहीनता की बातें सामने आयी ऐसे में टाटा स्टील प्रबंधन की इस गाइडलाइन के बाद अब टाटा वर्कर्स यूनियन के कमेटी सदस्यों पर नकेल कसनी शुरू हो जाएगी।
