मेट्रो मैन के नाम से प्रसिद्ध ई. श्रीधरन की 60 हजार करोड़ रुपये की प्रस्तावित सोलर रेल कॉरिडोर परियोजना को केरल सरकार ने फिलहाल मंजूरी देने से इनकार कर दिया है। कांग्रेस नेतृत्व वाली राज्य सरकार ने परियोजना की आर्थिक और पर्यावरणीय व्यवहार्यता को लेकर चिंता जताई है।
केरल सरकार द्वारा गठित विशेषज्ञ समिति ने दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) की अंतरिम रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद कहा है कि परियोजना को मौजूदा स्वरूप में लागू करना संभव नहीं है। समिति ने भूमि अधिग्रहण समेत आगे की प्रक्रिया शुरू न करने की सलाह दी है।
मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन ने कहा कि विशेषज्ञ समिति ने परियोजना के आर्थिक मॉडल पर सवाल उठाए हैं। उनके अनुसार, प्रस्तावित कॉरिडोर में केवल यात्री परिवहन पर ध्यान दिया गया है, जबकि माल परिवहन की कोई स्पष्ट योजना नहीं है। उन्होंने कहा कि माल ढुलाई के बिना इतनी बड़ी परियोजना आर्थिक रूप से व्यवहार्य नहीं हो सकती।
प्रस्तावित केरल हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर थिरुवनंतपुरम से कन्नूर तक 473.20 किलोमीटर लंबा डबल लाइन मार्ग होगा, जिसमें 23 स्टेशन प्रस्तावित हैं। परियोजना पूरी तरह एलिवेटेड होगी और यात्रा समय लगभग 3 घंटे 30 मिनट रहने का अनुमान है।सरकार ने कहा है कि विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट का विस्तृत अध्ययन करने के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
