भारत की सबसे बड़ी वाणिज्यिक वाहन निर्माता कंपनी, टाटा मोटर्स ने पर्यावरण-अनुकूल आवागमन और सर्कुलर अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के अपने वादे को दोहराते हुए, आज पटना, बिहार में अपने अत्याधुनिक Re.Wi.Re (रीसाइकल विद रिस्पेक्ट) फैसिलिटी के उद्घाटन की घोषणा की। बिहार सरकार के माननीय परिवहन मंत्री श्री दामोदर रावत ने इस पंजीकृत वाहन स्क्रैपेज फैसिलिटी (आरवीएसएफ) का उद्घाटन किया। ये सुविधाएं पुराने वाहनों को सुरक्षित और जिम्मेदारी से डिस्मैंटल करने के लिए बनाई गई हैं और ये सभी ब्रांडों और सभी तरह के वाहनों को संभाल सकती हैं। (जिनमें दो-पहिया और तीन-पहिया वाहन भी शामिल हैं) 5.5 एकड़ में फैली पटना की यह आरवीएसएफ कालाहानू बोथरा ग्रुप द्वारा संचालित की जा रही है और इसकी क्षमता प्रति वर्ष 15,000 वाहनों को सुरक्षित रूप से स्क्रैप करने की है। इस सुविधा का उद्घाटन करते हुए, बिहार सरकार के माननीय परिवहन मंत्री श्री दामोदर रावत ने कहा, “पटना में इस रजिस्टर्ड वाहन स्क्रैपिंग फैसिलिटी की शुरुआत राज्य में सुरक्षित सड़कों और स्वच्छ ट्रांसपोर्ट इकोसिस्टम की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
राष्ट्रीय वाहन स्क्रैपेज नीति के तहत, यह सुविधा वैज्ञानिक और जिम्मेदार तरीके से पुराने और अनुपयुक्त वाहनों को हटाने में मदद करेगी, जबकि वाहन मालिकों को नए, सुरक्षित और अधिक ईंधन-कुशल वाहनों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करेगी। पूरे बिहार में प्रदूषण को कम करने और सड़क सुरक्षा में सुधार के लिए हमारी गाड़ियों को अपग्रेड करना बहुत आवश्यक है। मैं टाटा मोटर्स और कालाहानू ग्रुप को इस पहल के लिए बधाई देता हूं और राज्य में सुरक्षित व टिकाऊ आवागमन को बढ़ावा देने वाले ऐसे और प्रयासों की उम्मीद करता हूं।” इस पहल के बारे में बात करते हुए, टाटा मोटर्स लिमिटेड के वाइस प्रेसिडेंट और बिजनेस हेड (ट्रक्स), श्री राजेश कौल ने कहा, “हमारी पटना में शुरू हुई यह नई सुविधा देश भर के पुराने वाहनों के लिए एक बेहतर और सुरक्षित व्यवस्था बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम है। राष्ट्रीय वाहन स्क्रैपेज नीति से उन गाड़ियों को हटाने में मदद मिली है जो चलने लायक नहीं हैं या प्रदूषण फैलाती हैं। साथ ही, अच्छे इंसेंटिव देकर गाड़ी मालिकों को नई, स्वच्छ और कम ईंधन खर्च करने वाली गाड़ियाँ खरीदने के लिए बढ़ावा भी दिया जा रहा है। सर्कुलर इकोनॉमी के तरीके पर चलते हुए, हमारे पास देश भर में रजिस्टर्ड स्क्रैपिंग सेंटर का सबसे बड़ा नेटवर्क है, जिसकी मदद से हम हर साल लगभग 2 लाख पुरानी गाड़ियों को जिम्मेदारी से स्क्रैप कर सकते हैं।
इस सपने को सच करने में हमें अपने साझेदारों, राज्य सरकारों और स्थानीय प्रशासन से जो लगातार सहयोग और समर्थन मिला है, उसके लिए हम दिल से आभारी हैं।” इस विस्तार के साथ, टाटा मोटर्स अब 12 वाहन-स्क्रैपिंग केंद्र संचालित करता है, जिनमें जयपुर, भुवनेश्वर, सूरत, चंडीगढ़, दिल्ली एनसीआर, पुणे, गुवाहाटी, रायपुर, लखनऊ, कोलकाता, अहमदाबाद और पटना में स्थित सुविधाएं शामिल हैं। प्रत्येक Re.Wi.Re सुविधा पूरी तरह से डिजिटल है, जहां सारा काम बिना कागज के आसानी से होता है। वाणिज्यिक वाहनों, दोपहिया और तिपहिया वाहनों के लिए सेल-टाइप स्क्रैपिंग और यात्री वाहनों के लिए लाइन-टाइप स्क्रैपिंग से लैस, इसमें टायर, बैटरी, ईंधन, तेल, तरल पदार्थ और गैसों सहित विभिन्न घटकों के सुरक्षित रीसाइक्लिंग के लिए समर्पित स्टेशन हैं। प्रत्येक वाहन एक विस्तृत दस्तावेज़ीकरण और स्क्रैपिंग प्रक्रिया से गुजरता है, जिसे विशेष रूप से यात्री और वाणिज्यिक वाहनों की जिम्मेदार स्क्रैपिंग आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जो देश की वाहन स्क्रैपेज नीति के अनुसार सभी घटकों के सुरक्षित निपटान की गारंटी देता है।
