प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वीडियो Facebook से हटाए जाने के मामले में Meta की मुश्किलें बढ़ गई हैं। संसदीय स्थायी समिति on Communications and Information Technology ने बुधवार (5 अगस्त, 2026) को Meta के CEO मार्क जुकरबर्ग को तीन दिनों के भीतर माफी मांगने का निर्देश दिया है।
समिति ने चेतावनी दी है कि यदि Meta इस मामले में स्पष्टीकरण और माफी नहीं देता है, तो कंपनी को मिलने वाली कानूनी सुरक्षा यानी सेफ हार्बर संरक्षण को वापस लेने की सिफारिश की जा सकती है।
लोकसभा सचिवालय की ओर से जारी पत्र के अनुसार, भारतीय जनता पार्टी के सांसद निशिकांत दुबे की अध्यक्षता वाली संसदीय समिति ने Instagram द्वारा प्रधानमंत्री मोदी के 23 जुलाई के वीडियो संदेश को हटाए जाने के मामले को गंभीरता से लिया है। यह वीडियो देश के विभिन्न हिस्सों में युवाओं के विरोध प्रदर्शनों के बीच हटाया गया था।
समिति ने Meta से इस कार्रवाई को लेकर जवाबदेही तय करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा है।
सेफ हार्बर प्रावधान के तहत सोशल मीडिया कंपनियों को उनके प्लेटफॉर्म पर उपयोगकर्ताओं द्वारा डाली गई सामग्री के लिए कुछ कानूनी सुरक्षा प्राप्त होती है। हालांकि, समिति का कहना है कि प्लेटफॉर्म कंपनियों को जिम्मेदार और पारदर्शी तरीके से काम करना चाहिए।
अब सभी की नजर Meta की प्रतिक्रिया पर है कि कंपनी इस मामले में क्या कदम उठाती है।
