सावन के अंतिम चरण में भागलपुर-सुल्तानगंज रेलखंड पर कांवरियों और यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेलवे ने बड़ा फैसला लिया है। यात्रियों की सुविधा के लिए भागलपुर-दानापुर-भागलपुर श्रावणी मेला स्पेशल ट्रेन की सेवा दो अतिरिक्त दिनों के लिए बढ़ा दी गई है। यह ट्रेन अपने निर्धारित मार्ग, ठहराव और समय-सारिणी के अनुसार ही संचालित होगी। रेलवे के इस फैसले से सुल्तानगंज और भागलपुर से दानापुर व पटना की ओर जाने वाले कांवरियों के साथ आम यात्रियों को भी राहत मिलने की उम्मीद है।श्रावणी मेले के दौरान बिहार के अलावा झारखंड, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु सुल्तानगंज पहुंच रहे हैं। इसके चलते भागलपुर-किऊल रेलखंड पर पिछले कई दिनों से ट्रेनों में यात्रियों की भारी भीड़ देखी जा रही है। यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए रेलवे की ओर से लगातार अतिरिक्त व्यवस्थाएं की जा रही हैं।रेलवे के अनुसार, ट्रेन संख्या 03234 दानापुर-भागलपुर श्रावणी मेला स्पेशल 11 अगस्त 2026 और 12 अगस्त 2026 को दानापुर से चलेगी। वहीं, ट्रेन संख्या 03233 भागलपुर-दानापुर श्रावणी मेला स्पेशल 12 अगस्त 2026 और 13 अगस्त 2026 को भागलपुर से प्रस्थान करेगी।रेलवे ने बताया है कि स्पेशल ट्रेन का मार्ग, निर्धारित ठहराव और समय-सारिणी में कोई बदलाव नहीं किया गया है। श्रावणी मेले को ध्यान में रखते हुए रेलवे पहले से ही सुल्तानगंज स्टेशन तक कई विशेष ट्रेनों का संचालन कर रहा है।इसके अलावा कांवरियों की सुविधा के लिए बड़ी संख्या में एक्सप्रेस और मेल ट्रेनों का सुल्तानगंज स्टेशन पर अस्थायी ठहराव भी दिया गया है। इससे देवघर जाने वाले श्रद्धालुओं को यात्रा में सहूलियत मिलने की उम्मीद है।रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, इस समय भागलपुर-किऊल रेलखंड पर सामान्य दिनों की तुलना में यात्रियों का दबाव काफी ज्यादा है। खासकर सुल्तानगंज से देवघर जाने वाले कांवरियों की संख्या बढ़ने के कारण कई ट्रेनों में सीटों की मांग भी काफी बढ़ गई है।श्रावणी मेला अवधि में भागलपुर से चलने वाली और भागलपुर आने वाली कई प्रमुख ट्रेनों को भी सुल्तानगंज स्टेशन पर अस्थायी ठहराव दिया गया है। इनमें विक्रमशिला एक्सप्रेस, गरीब रथ एक्सप्रेस, भागलपुर-दानापुर इंटरसिटी एक्सप्रेस समेत कई मेल और एक्सप्रेस ट्रेनें शामिल हैं।रेलवे को उम्मीद है कि अतिरिक्त स्पेशल ट्रेन के संचालन और प्रमुख ट्रेनों के बढ़ाए गए ठहराव से यात्रियों की भीड़ को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। साथ ही, श्रावणी मेले के दौरान कांवरियों और अन्य यात्रियों की यात्रा भी पहले के मुकाबले अधिक सुगम हो सकेगी।
