अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने पूर्वोत्तर के विश्वविद्यालयों से पारंपरिक डिग्री आधारित शिक्षा से आगे बढ़कर क्षेत्र की विकास संबंधी चुनौतियों के समाधान के लिए “समस्या-समाधान संस्थान” बनने का आह्वान किया है। ईटानगर के पास पासीघाट में राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित पूर्वोत्तर विश्वविद्यालयों के कुलपतियों की दो दिवसीय बैठक के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए खांडू ने कहा कि ऐसे सम्मेलनों का उद्देश्य ठोस साझेदारी और मापने योग्य परिणाम सुनिश्चित करना होना चाहिए। उन्होंने विश्वविद्यालयों से उद्यमिता, नवाचार, शोध और जनसेवा के लिए छात्रों को तैयार करने के साथ सीमा विकास, जैव विविधता, जलवायु परिवर्तन, सांस्कृतिक संरक्षण, ग्रामीण आजीविका, पर्यटन और कनेक्टिविटी जैसे मुद्दों पर शोध करने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालयों, सरकारी विभागों, उद्योगों, रक्षा एवं सुरक्षा संस्थानों, स्थानीय समुदायों और नागरिक समाज के बीच बेहतर सहयोग की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने टिकाऊ कृषि, आपदा प्रबंधन, इको-टूरिज्म, नवीकरणीय ऊर्जा, पारंपरिक ज्ञान और सार्वजनिक स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में शोध बढ़ाने की अपील की। खांडू ने शिक्षा, शोध और प्रशासन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता तथा डिजिटल तकनीकों को अपनाने और पूर्वोत्तर उच्च शिक्षा कंसोर्टियम बनाने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कुलपतियों की बैठक को वार्षिक आयोजन बनाने तथा समयबद्ध लक्ष्यों के साथ परिवर्तन योजनाएं तैयार करने का सुझाव भी दिया।
