संसद ने कर संशोधन विधेयक को दी मंजूरी, UPI भुगतान रहेगा मुफ्त संसद ने टैक्सेशन एंड अदर लॉज (अमेंडमेंट) बिल, 2026 को मंजूरी दे दी है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने स्पष्ट किया कि विधेयक के तहत यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) लेनदेन पर उपभोक्ताओं से कोई कर या ट्रांजैक्शन शुल्क नहीं लिया जाएगा। लोकसभा से पारित होने के बाद राज्यसभा ने संक्षिप्त चर्चा और वित्त मंत्री के जवाब के बाद इसे ध्वनिमत से मंजूरी दी। 5 जून को जारी अध्यादेश की जगह लेने वाला यह विधेयक सरकारी प्रतिभूतियों में निवेश करने वाले विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों की ब्याज आय और पूंजीगत लाभ पर आयकर छूट से जुड़े प्रावधान भी करता है। विधेयक पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम्स एक्ट को आयकर अधिनियम से अलग करने तथा UPI और RuPay कार्ड के लिए मौजूदा शून्य मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) व्यवस्था में बदलाव का कानूनी आधार भी प्रदान करता है। हालांकि, सरकार अधिसूचना के माध्यम से यह तय कर सकेगी कि किन इलेक्ट्रॉनिक भुगतान माध्यमों या लेनदेन को उपयोगकर्ताओं के लिए मुफ्त रखा जाएगा। विधेयक का उद्देश्य विदेशी निवेश को बढ़ावा देना, घरेलू इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण को मजबूत करना और विदेशी क्लाउड सेवा प्रदाताओं द्वारा भारतीय डेटा सेंटरों के उपयोग को बढ़ाना भी है।
