मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष और अधिक गंभीर हो गया है। मंगलवार तड़के ईरान ने कुवैत स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे कैंप आरिफजान पर सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइलें दागीं। हमले के बाद ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने कहा कि ईरान अब अमेरिका के साथ पूर्ण पैमाने के युद्ध में प्रवेश कर चुका है।
ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए के अनुसार, ईरानी सेना ने कुवैत के कैंप आरिफजान में तैनात अमेरिकी सेना की हिमर्स (HIMARS) मिसाइल प्रणालियों को निशाना बनाया। ईरान का दावा है कि इस हमले से अमेरिकी सैन्य क्षमता को भारी नुकसान पहुंचा है। हालांकि, अमेरिकी पक्ष ने इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की है।
कैंप आरिफजान कुवैत सिटी के दक्षिण में स्थित अमेरिका का प्रमुख सैन्य अड्डा है, जहां अमेरिकी थलसेना, वायुसेना, नौसेना, मरीन कोर और तटरक्षक बल की इकाइयां तैनात रहती हैं। हमले के बाद कुवैत ने हवाई सतर्कता बढ़ा दी है और सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
राष्ट्रपति पेजेशकियन ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा कि “आज इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान पूर्ण पैमाने के युद्ध में शामिल है। हमें इस वास्तविकता को स्वीकार करना होगा और इसके परिणामों के लिए तैयार रहना होगा।”
यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है जब अमेरिका लगातार कई रातों से ईरान के सैन्य ठिकानों, मिसाइल अड्डों और रणनीतिक ढांचे पर हवाई हमले कर रहा है। इसके जवाब में ईरान ने कुवैत समेत खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी हितों और ठिकानों पर मिसाइल एवं ड्रोन हमले तेज कर दिए हैं।
क्षेत्र में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने संयम बरतने की अपील की है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दोनों देशों के बीच यह टकराव नहीं थमा, तो इसका असर पूरे पश्चिम एशिया की सुरक्षा, वैश्विक तेल आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।
