भारत और बांग्लादेश के बीच रेल और बस सेवाओं को फिर से शुरू करने की कोशिशों पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। रिपोर्टों के अनुसार, दोनों देशों के रेलवे अधिकारी ढाका में इंटर गवर्नमेंटल रेलवे मीटिंग (IGRM) आयोजित करने की तैयारी कर रहे हैं, जिसमें सीमा पार रेल सेवाओं को बहाल करने पर चर्चा होगी। दोनों पक्षों द्वारा मैत्री, बंधन और मिताली एक्सप्रेस सेवाओं को फिर से शुरू करने पर सैद्धांतिक रूप से विचार किए जाने की खबर है। ये सेवाएं अगस्त 2024 में बांग्लादेश में अंतरिम सरकार के सत्ता संभालने के बाद से बंद हैं। दोनों देशों के बीच बस सेवाएं भी बहाल किए जाने की संभावना है, जिससे द्विपक्षीय संपर्क और संबंधों को सामान्य बनाने की कोशिशों को गति मिल सकती है। हालांकि, भाजपा से जुड़े संगठनों के कुछ वर्गों ने संबंधों को सामान्य बनाने की किसी भी एकतरफा पहल पर चिंता जताई है। विश्व हिंदू परिषद (VHP) के एक वरिष्ठ नेता ने नाम न बताने की शर्त पर बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों की स्थिति को लेकर चिंता व्यक्त की और कहा कि भारत को उनके हितों और सुरक्षा को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने अवैध घुसपैठ और इसके संभावित जनसांख्यिकीय प्रभाव को लेकर भी सावधानी बरतने की बात कही। भारत-बांग्लादेश संबंधों के बीच यह बहस ऐसे समय हो रही है जब दोनों देशों के लिए संपर्क, व्यापार, सुरक्षा और क्षेत्रीय भू-राजनीति महत्वपूर्ण मुद्दे बने हुए हैं। आने वाले समय में इन कारकों का द्विपक्षीय संबंधों और सीमा पार परिवहन सेवाओं की बहाली पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ सकता है।
