टाटा वर्कर्स यूनियन की कमेटी मीटिंग की शुक्रवार को साढ़े छ: घंटे चली. इस दौरान बेेहतर ग्रेड रिवीजन कराने का मामला पूरी तरह से बना रहा. यूनियन के करीब 50 से 55 कमेटी सदस्यों ने अपनी-अपनी बातें रखी. अधिकतर कमेटी सदस्यों की मांग रही कि एन एस ग्रेड कर्मचारियों का बेहतर इंक्रीमेंट होना चाहिए. उनके डीए पर प्वाइंट में बढ़ोतरी हो, पुराने ग्रेड के कर्मचारियों की तरह उन्हें भी बेहतर राशि मिलनी चाहिए. उनके इंक्रीमेंट का बेहतर ऑप्शन हो. टाटा स्टील के कर्मचारियों के एलाउंस में महंगाई को देखते हुए बढ़ोतरी की जाए. बैठक में पुराने ग्रेड के हो या एन एस ग्रेड के कमेटी सदस्य सभी यूनियन नेतृत्व को यह कहने का प्रयास किया कि बेहतर ग्रेड रिवीजन कराया जाए. ऐसा नहीं पर अगले चुनाव में कुर्सी छोडऩे के लिए भी तैयार रहें. यूनियन का चुनाव भी जनवरी-फरवरी, 2027 में होना हो. ऐसे में यूनियन नेतृत्व के लिए भी ग्रेड रिवीजन कराना बड़ी चुनौती है।
टाटा वर्कर्स यूनियन की कमेटी मीटिंग शुक्रवार का माइकल जॉन ऑडिटोरियम में हुई जिसमें श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया. इसके बाद यूनियन के महामंत्री सतीश सिंह ने पिछले कमेटी कमेटी मीटिंग के मिनट्स को पढ़ा जिसे पास किया गया. यूनियन के ट्रेजरर अमोद दुबे ने अकाउंट्स पेश किया. कुछ सवाल जवाब के बाद अकाउंट को पास किया गया. उसके बाद फिलहाल टाटा स्टील के कर्मचारियों के लिए ज्वलंत मुद्दा बना ग्रेड रिवीजन पर चर्चा शुरू हुई. यूनियन के पूर्व डिप्टी प्रेसीडेंट अरविन्द पांडेय ने टे्रड अप्रेंटिस 2023 बैच को टाटा स्टील में नहीं लेने पर आक्रोश जताया. उन्होंने 2019 में हुए ग्रेड रिवीजन को याद दिलाते हुए यूनियन अध्यक्ष संजीव चौधरी से कहा कि पिछले चुनाव में अलाउंस में एरियर के डिमांड की उन्होंने मांग की थी. एनएस ग्रेेड का डीए परप्वाइंट 4.30 रुपये करने की मांग की थी. अब वे खुद अध्यक्ष हैं इसलिए अब बेहतर ग्रेड रिवीजन कराना उनकी जिम्मेदारी है।
टाटा स्टील सिन्टर प्लांट के कमेटी सदस्य शिवेश वर्मा ने 1959 से लेकर 2019 तक के ग्रेड रिवीजन के मुख्य बिन्दुओं से अवगत कराया. उन्होंने अध्यक्ष समेत उनकी पूरी टीम से ग्रेड रिवीजन की मूलभूत संरचना से छेड़छाड़ नहीं करने की सलाह दी. टीएमएच के कमेटी सदस्य राकेश कुमार सिंह ने कहा कि आईबी 500 सिर्फ टीएमएच में मिलता है, एफडीए 4000 होना चाहिए एजुकेशन एलाउंस काफी कम है. उन्होंने इसमें बढ़ोतरी की मांग की. एसएमडी के प्रमोद कुमार ने कहा कि ग्रेड रिवीजन को लेकर न्यू सीरीज कर्मचारियों का चार प्रमुख बिंदु काफी महत्वपूर्ण है. उन्होंने डीए 6 रुपये परप्वाइंट की मांग की. वार्षिक इंक्रीमेंट तत्काल बेसिक का तीन प्रतिशत हो. उन्होंने कहा कि एमजीएम, डीए परप्वाइंट समेत अन्य मामले में को समझौता नहीं किया जाए।
टाटा वर्कर्स यूनियन के कमेटी सदस्य व चुनाव में महामंत्री पद के उम्मीदवार आरसी झा ने कहा कि अधिकांश कर्मचारियों के लिए वेज रिवीजन सबसे बड़ा मुद्दा है और यह केवल वर्तमान नहीं बल्कि आने वाली पीढिय़ों के भविष्य से भी जुड़ा हुआ है. उन्होंने कोक प्लांट बैटरी सात के बंद होने के बाद सभी कर्मचारियों का अन्य विभागों में समायोजिहत कराने के लिए यूनियन नेतृत्व का आभार जताया. उन्होंने कहा कि 11 हजार कर्मचारियों की ओर से बातचीत में शामिल हैं क्योंकि पिछले यूनियन चुनाव में कर्मचारियों ने उन पर भरोसा जताया है उन्होंने कहा कि उस भरोसे को कायम रखना यूनियन नेतृत्व की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है. उन्होंने वेज रिवीजन की तुलना भवन की नींव से करते हुए उन्होंने कहा कि बोनस और अन्य सुविधाओं का असर सीमित समय तक रहता है, लेकिन वेज रिवीजन लंबे समय तक कर्मचारियों के जीवन और भविष्य को प्रभावित करता है।
कोक प्लांट के कमेटी सदस्य राजेश कुमार सिंह ने कहा कि एन एस गे्रड कर्मचारियों का डीए 6 रुपये परप्वाइंट, एमजीबी 30 प्रतिशत, ब्लॉक वाइज 3 प्रतिशत वार्षिक इंक्रीमेंट, लंबित ग्रेड रिवीजन के 17 महीने का एलाउंस का एरियर मिलना चाहिए. उन्होंने कहा कि समाचार पत्रों से यह जानकारी मिलती है कि प्रबंधन यूनियन की मांग पर सहमत नहीं है तो 3 से 4 वर्षों का ग्रेड रिवीजन कराया जाए. उन्होंने कहा कि यदि प्रबंधन यूनियन के साथ किए गए समझौते को नहीं मान रहा है, तो फिर 1956 के समझौते की आज की तारीख में क्या अहमियत रह जाती है।
यूनियन में बंद हो जात-पात की राजनीति
टाटा वर्कर्स यूनियन के इलेक्ट्रिकल टीएनडी के कमेटी सदस्य आर के सिंह ने कहा कि यूनियन जात-पात की राजनीति नहीं होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि अगर आप सोच रहे हैं कि जात- पात कर कर फिर से कुर्सी पर आ जाएंगे तो ऐसा नहीं होगा. उसके बाद यूनियन अध्यक्ष संजीव चौधरी ने कहा कि उन्होंने कभी भी जात -पात नहीं किया, चार ट्रस्टी में एक भी अपने जात के लोगों को जगह नहीं दिया जिसके कारण उनकी जाति के कई कमेटी सदस्य नाराज भी हुए।
प्रबंधन नहीं मान रहा तो ड्यूटी शुरू कर दें
टाटा वर्कर्स यूनियन के कमेटी सदस्य व भाजपा बिष्टुपुर मंडल अध्यक्ष मारुति नंदन पांडेय ने यूनियन अध्यक्ष से कहा कि सभी ओल्ड सीरीज के कर्मचारियों का एमजीबी 15 प्रतिशत व एनएस ग्रेड का 29 प्रतिशत, सालाना इंक्रीमेंट 3 प्रतिशत व डीए 6 रुपये परप्वाइंट कराया जाए. उन्होंने कहा कि सम्मानजनक वेतन समझौता नहीं होता है तो अध्यक्ष समेत सभी पदाधिकारी अपनी- अपनी ड्यूटी स्टार्ट कर देनी चाहिए. उनके सवाल पर यूनियन के पदाधिकारियों ने कहा कि अब प्रबंधन पहले वाली नहीं रही. यदि छोड़ दिया जाएगा तो प्रबंधन बुलायेगी भी नहीं।
प्रबंधन का 8 वर्ष व 7.5 प्रतिशत एमजीबी का प्रस्ताव: अध्यक्ष
टाटा वर्कर्स यूनियन अध्यक्ष संजीव चौधरी ने अब तक ग्रेड रिवीजन में हुई वार्ता के बारे मेंं कहा कि प्रबंधन ने आठ वर्षों के लिए व 7.5 प्रतिशत एमजीबी का प्रस्ताव दिया है. वहीं यूनियन के डिप्टी प्रेसीडेेंट शैलेश सिंह ने कहा कि वे अध्यक्ष के फैसले के साथ है इसलिए ग्रेड रिवीजन के बारे में वे पूरी जानकारी देंगे।
यूनियन में अनुशासनहीनता की हदें कर दी पार
यूनियन के महामंत्री सतीश सिंह ने कहा कि गेे्रड रिवीजन में काफी देर हो रही क्योंकि वार्ता भी देर शुरू हुई है इसके लिए प्रबंधन जिम्मेदारी नहीं है. उन्होंने यूनियन में जाति-पात होने व अनुशासनहीनता होने पर नाराजगी जतायी।
