बिहार में सड़क कनेक्टिविटी और कांवरियों की सुविधा को लेकर बड़ा कदम उठाया गया है। हाजीपुर से मुजफ्फरपुर के बीच करीब 50 किलोमीटर लंबा और 6 मीटर चौड़ा कांवरिया पथ बनाने की तैयारी है। इसके लिए डीपीआर तैयार करने की मंजूरी मिल चुकी है। नया कांवरिया पथ एनएच-22 के किनारे एनएचएआई की जमीन पर बनाया जाएगा। इसे सुल्तानगंज-बाबाधाम कांवरिया पथ की तर्ज पर विकसित करने की योजना है।
इस परियोजना को लेकर फैसला पथ निर्माण मंत्री ई. शैलेन्द्र और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के बीच हुई मुलाकात के बाद लिया गया। बैठक में बिहार की कई महत्वपूर्ण सड़क और पुल परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। केंद्र की ओर से इन योजनाओं को जल्द मंजूरी देने को लेकर भी सकारात्मक आश्वासन दिया गया।
बैठक के बाद ई. शैलेन्द्र ने मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा कीं। उन्होंने बताया कि केंद्रीय मंत्री के सामने बिहार से जुड़ी कई अहम परियोजनाओं के प्रस्ताव रखे गए। इनमें विक्रमशिला सेतु के समानांतर पॉन्टून ब्रिज, मुजफ्फरपुर-बरौनी NH-122 का फोरलेन चौड़ीकरण, पूर्वी बाइपास और NH-139 के नौबतपुर से झारखंड सीमा तक चार लेन सड़क निर्माण प्रमुख हैं।
इसके अलावा NH-333 और NH-333A से जुड़ी परियोजनाओं, बिहपुर-फुलौत कोसी पुल से गोविंदपुर-मुशहरी और कहारपुर को एप्रोच रैंप से जोड़ने, भागलपुर-बलदौर NH-133E और हाजीपुर से बिदुपुर तक गंगा के उत्तरी किनारे एलिवेटेड सड़क के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई। केंद्रीय सड़क एवं अवसंरचना निधि के तहत नई योजनाओं को मंजूरी देने का प्रस्ताव भी केंद्रीय मंत्री के सामने रखा गया।
हाजीपुर-मुजफ्फरपुर कांवरिया पथ की जरूरत इसलिए भी महसूस की जा रही है क्योंकि सारण के पहलेजा घाट से बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगाजल लेकर मुजफ्फरपुर के बाबा गरीबनाथ मंदिर में जलाभिषेक के लिए पैदल जाते हैं। श्रावणी मेले के दौरान कांवरियों की संख्या लाखों तक पहुंच जाती है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए हर सप्ताह तीन दिनों तक हाईवे की एक लेन बंद करनी पड़ती है। इससे आम यात्रियों और मालवाहक वाहनों की आवाजाही प्रभावित होती है और कई जगहों पर जाम की स्थिति बन जाती है।
नया कांवरिया पथ बनने से श्रद्धालुओं के लिए अलग मार्ग उपलब्ध हो जाएगा। इससे कांवरियों की यात्रा आसान और सुरक्षित होने के साथ हाईवे पर वाहनों की आवाजाही भी सुचारू रहने की उम्मीद है।
बैठक में एनएच-139 के कायाकल्प, मुजफ्फरपुर-बरौनी फोरलेन, मुजफ्फरपुर ईस्टर्न बाइपास, नौबतपुर से झारखंड सीमा तक फोरलेन सड़क, जमुई क्षेत्र में चार लेन सड़क और जमुआ नदी पर चार लेन पुल जैसी परियोजनाओं पर भी चर्चा की गई। पथ निर्माण मंत्री के अनुसार, इन सभी परियोजनाओं को लेकर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की ओर से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है।
ई. शैलेन्द्र ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के विजन और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बिहार की कनेक्टिविटी को और मजबूत किया जाएगा। बेहतर सड़क और पुल परियोजनाओं से राज्य में आवागमन आसान होने के साथ सामाजिक और आर्थिक विकास को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।
