जिस विद्यालय परिसर में बच्चों को शिक्षा और संस्कार का पाठ पढ़ाया जाता है, वहीं गणेश पूजा के दौरान महिला डांसरों के डांस का कथित वीडियो प्रसारित होने से मामला गरमा गया है।
मामला नानपुर प्रखंड के रायपुर बाजार स्थित सरस्वती विद्या निकेतन सह माडल उच्च विद्यालय से जुड़ा है। इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित वीडियो में विद्यालय परिसर में मंच बनाकर डांस कार्यक्रम कराए जाने का दृश्य दिखाई दे रहा है। बताया जा रहा है कि नवयुवक पूजा समिति, रायपुर बाजार की ओर से गणेश पूजा के अवसर पर विद्यालय परिसर में मेले और अन्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इसी दौरान मंच पर महिला डांसरों का कार्यक्रम कराए जाने की बात सामने आई है। इसके बाद विद्यालय परिसर में इस तरह के आयोजन की अनुमति और विद्यालय प्रशासन की भूमिका को लेकर सवाल उठने लगे हैं। विद्यालय के प्रधानाध्यापक जगमोहन सहनी ने बताया कि उन्होंने डांस कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति नहीं दी थी। उनके अनुसार, पूजा समिति के दबाव पर उन्होंने केवल कार्यक्रम की अनुमति के लिए डीईओ को पत्र भेजा था। उन्होंने बताया कि 17 और 18 सितंबर को छुट्टी के दौरान वे पटना गए थे। लौटने के बाद उन्होंने आयोजकों को बुलाकर विद्यालय परिसर में कार्यक्रम नहीं करने के लिए कहा था। इसके बावजूद आयोजकों ने उनकी बात नहीं मानी और जबरदस्ती कार्यक्रम आयोजित कर दिया। प्रधानाध्यापक ने यह भी बताया कि गणपति पूजा आयोजन के लिए पुपरी अनुमंडल पदाधिकारी से लाइसेंस लिया गया है। हालांकि, पूजा आयोजन की अनुमति और विद्यालय परिसर में डांस कार्यक्रम के आयोजन की अनुमति अलग-अलग विषय हैं। इसी को लेकर अब जांच की जरूरत बताई जा रही है। नानपुर के रायपुर स्थित एसबीएलसी उच्च विद्यालय (सरस्वती विद्या निकेतन) परिसर में गणेश पूजा मेले के दौरान आपत्तिजनक नृत्य कार्यक्रम का वीडियो प्रसारित होने के बाद शिक्षा विभाग हरकत में आ गया है। डीपीओ स्थापना प्रियदर्शी सौरभ ने प्रभारी प्रधानाध्यापक जगमोहन सहनी से सात बिंदुओं पर स्पष्टीकरण मांगा है। पत्र में स्पष्ट किया गया है कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर विभागीय/अनुशासनिक कार्रवाई शुरू की जाएगी।
डीपीओ स्थापना प्रियदर्शी सौरभ ने कहा कि विद्यालय परिसर में होने वाले किसी भी कार्यक्रम में मर्यादा, अनुशासन और विभागीय निर्देशों का पालन अनिवार्य है।
