गंगा और कोसी के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी से नवगछिया पुलिस जिला के तटवर्ती क्षेत्रों में चिंता बढ़ने लगी है। नदियों का पानी बढ़ने के साथ कई जगहों पर तटबंधों पर दबाव भी बढ़ गया है। शनिवार सुबह छह बजे जल संसाधन विभाग की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार इस्माईलपुर-बिंद टोली, राघोपुर, मदरौनी और जेबी चोरहर में नदी के जलस्तर में वृद्धि दर्ज की गई। हालांकि विभाग ने सभी संवेदनशील स्थलों की स्थिति को फिलहाल सुरक्षित और नियंत्रण में बताया है।
राघोपुर में गंगा के जलस्तर में 18 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई। काजीकोरैया-राघोपुर मार्जिनल बांध पर नदी का जलस्तर 31.03 मीटर पहुंच गया है। यहां चेतावनी स्तर 32.68 मीटर और खतरे का स्तर 33.68 मीटर है। नदी का पानी बांध के टो तक पहुंच रहा है, लेकिन विभाग के मुताबिक अभी स्थिति नियंत्रण में है।
स्पर संख्या-07 पर गंगा का जलस्तर 29.91 मीटर दर्ज किया गया है। इस स्थल पर चेतावनी स्तर 30.60 मीटर और खतरे का स्तर 31.60 मीटर है। नदी का पानी तटबंध के टो को छू रहा है। इसके बावजूद जल संसाधन विभाग ने तटबंध को सुरक्षित बताया है।
मदरौनी में कोसी नदी के जलस्तर में भी 18 सेंटीमीटर की वृद्धि हुई है। यहां नदी का जलस्तर 29.93 मीटर दर्ज किया गया। चेतावनी स्तर 30.48 मीटर और खतरे का स्तर 31.48 मीटर है। फिलहाल पानी तटबंध के टो तक नहीं पहुंचा है और विभाग ने स्थल की स्थिति को सुरक्षित बताया है।
जेबी चोरहर में स्थिति थोड़ी अधिक संवेदनशील बताई जा रही है। यहां कोसी का जलस्तर 30.80 मीटर दर्ज किया गया, जो पिछले 24 घंटे में 10 सेंटीमीटर बढ़ा है। इस स्थल पर चेतावनी स्तर 30.77 मीटर है, यानी नदी का जलस्तर चेतावनी सीमा से तीन सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है। खतरे का स्तर 31.77 मीटर निर्धारित है। बगजान जमींदारी बांध के कई स्थानों पर नदी का पानी तटबंध के टो को छू रहा है। हालांकि विभाग ने यहां भी स्थिति को सुरक्षित और नियंत्रण में बताया है।
नदियों के बढ़ते जलस्तर के बीच इस्माईलपुर-बिंद टोली, राघोपुर और जेबी चोरहर में पानी तटबंध के टो तक पहुंच चुका है। खासकर जेबी चोरहर में कोसी का जलस्तर चेतावनी स्तर के पार जाना विभाग के लिए सतर्कता बढ़ाने वाला संकेत है।
हालांकि अभी किसी भी तटबंध पर खतरे जैसी स्थिति नहीं है। लेकिन गंगा और कोसी के जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि को देखते हुए संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाना जरूरी हो गया है। जलस्तर में आगे और बढ़ोतरी होने की स्थिति में तटबंधों पर दबाव बढ़ सकता है, इसलिए विभाग की ओर से लगातार स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
