सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी आवारा कुत्तों पर शासन-प्रशासन नियंत्रण नहीं कर पा रहा है। दूसरी ओर आवारा कुत्तों के हमले में बच्चों की जान जा रही है।
गुरुवार को अहियापुर थाना के राजा पुनास गांव में घर के बाहर खेल रही एक साल की बच्ची को कुत्तों के झुंड ने नोच नोचकर मार डाला। मृत बच्ची मुकेश कुमार सहनी की पुत्री रूपमणि कुमारी थी।
मुकेश सहनी ने बताया कि परिवार के लोग घर के खाना बना रहे थे। बच्ची घर के बाहर खेल रही थी। इसी दौरान चार की संख्या में कुत्तों ने बच्ची पर हमला कर दिया। उसे नोचते-घसीटते लीची बगान की ओर ले गए। आसपास के लोग लाठी-डंडा लेकर दौड़े। उनके डर से कुत्ते बच्ची को छोड़कर भाग निकले, मगर उसके पूरे शरीर को नोच नोचकर लहूलुहान कर दिया। रूपमणि ने वहीं दम तोड़ दिया।
घटना को लेकर गांव में दहशत है। लोग बच्चों को बाहर नहीं निकलने दे रहे हैं। स्थिति यह है कि बच्चों की स्कूल आवाजाही पर भी रोक लगा दी गई है। गांव के भोली सहनी का कहना है कि कुत्तों के दहशत से उनके बच्चों का जीना मुश्किल हो गया है। बुधवार को कुत्तों ने एक बकरी को नोच खाया था। कुत्ते हिंसक हो गए हैं। प्रशासनिक स्तर से कुत्तों पर लगाम नहीं लग रहा है। इ्स कारण आए दिन कोई न कोई इसके शिकार हो रहे हैं। रूपमणि की बड़ी बहन सुरुचि की मौत चार वर्ष पूर्व चमकी बुखार से हो गई थी। रूपमणि और सुरूची के बाद उसके परिवार में दो भाई हैं। पिता मुकेश सहनी का कहना है कि सुरुचि की मौत का कोई मुआवजा नहीं मिला। इसके कारण वह रूपमणि की मौत के बाद पोस्टमार्टम नहीं करवाया। घटना के बाद भी कोई प्रशासन तक नहीं पहुंचा। बड़ी बेटी की मौत के बाद जीवन बीमा के भी रुपये नहीं मिले। अपनों को गंवाने को लेकर जमा करने वाली रकम भी नहीं मिलती। प्रक्रिया करने के बाद भी कोई सुध नहीं लेता।
