प्रसव के दौरान उत्पन्न होने वाली आपात स्थितियों और गंभीर मरीजों के बेहतर उपचार को लेकर देश-प्रदेश के विशेषज्ञ चिकित्सक जमशेदपुर में जुटेंगे। जमशेदपुर आब्स्ट्रेटिक्स एंड गायनोकोलाजिस्ट सोसाइटी (जोग्स) की ओर से 15 और 16 अगस्त को बिष्टुपुर स्थित एक होटल में 53वां वार्षिक सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। सम्मेलन का मुख्य विषय प्रसूति आपातकाल एवं गंभीर देखभाल रखा गया है। यह जानकारी बुधवार को साकची स्थित आइएमए भवन में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में जोग्स की अध्यक्ष डॉ. मौसमी दास घोष ने दी। उन्होंने बताया कि 15 अगस्त को दोपहर तीन बजे से रात आठ बजे तक प्रसूति आपातकाल पर विशेष कार्यशाला आयोजित होगी।
इसमें चिकित्सकों को प्रसव के दौरान उत्पन्न होने वाली गंभीर परिस्थितियों से निपटने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। कार्यशाला में मातृ हृदयाघात, सीपीआर, प्रसव के बाद अत्यधिक रक्तस्राव (पीपीएच), प्रसव के दौरान बच्चे का कंधा फंसने, श्वसन मार्ग प्रबंधन और ऑक्सीजन उपचार जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद ‘प्रसूति में मातृ मृत्यु से बचाए गए गंभीर मामले’ विषय पर विशेषज्ञ परिचर्चा होगी। इसमें गंभीर अवस्था में अस्पताल पहुंची गर्भवती महिलाओं के उपचार और समय पर किए गए चिकित्सकीय हस्तक्षेप से जुड़े अनुभव साझा किए जाएंगे।
सम्मेलन का उद्घाटन समारोह 16 अगस्त को सुबह 11 बजे होगा। इसमें आब्स्ट्रेटिक्स एंड गायनोकोलाजिस्ट सोसाइटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. भास्कर पाल मुख्य अतिथि और डॉ. पीसी महापात्र विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे। संवाददाता सम्मेलन में जोग्स की सचिव डॉ. अर्चना बारिक, डॉ. वनिता सहाय, डॉ. श्वेता, डॉ. सुनीता समेत अन्य चिकित्सक मौजूद थे।
