May 20, 2026
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भारतीय रेलवे ने हावड़ा-दिल्ली कॉरिडोर पर झमता बढ़ाने, परिचालन क्षमत में सुधार व निर्बाध रेल परिवहन सुनिश्चित करने की दिशा में रेलवे की प्रतिबद्धता और मजबूत करते हुए 962 करोड़ रुपये की लागत वाली किउल-झाझा तीसरी लाइन परियोजना (54 किलोमीटर) को स्वीकृति दे दी है. यह परियोजना भारतीय रेलवे के अति व्यस्त यातायात वाले नेटवर्क का महत्वपूर्ण भाग है व इससे पूर्वी व उत्तरी भारत में यात्रियों के आवागमन और माल ढुलाई दोनों की स्थिति सुदृढ़ होने की उम्मीद है।केन्द्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि किउल-झाझा तीसरी लाइन परियोजना से हावड़ा-दिल्ली कॉरिडोर पर परिवहन क्षमता में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी और रेल सेवाओं की समयबद्धता और  परिचालन की सामथ्र्य में सुधार होगा. उन्होंने कहा कि अतिरिक्त रेल लाइन से सवारी गाडिय़ों व मालगाडिय़ों की सुचारू रूप से आवाजाही सुनिश्चित होगी व इसके साथ ही क्षेत्र में औद्योगिक विकास और व्यापारिक संपर्क में सहायता मिलेगी।

फिलहाल किउल व झाझा के बीच मौजूदा दोहरी लाइन के खंड का अपनी अधिकतम क्षमता से भी ज्यादा उपयोग हो रहा है जबकि आने वाले वर्षों में इस कॉरिडोर पर यातायात की मांग और बढऩे की आशा है जिसके लिए अतिरिक्त बुनियादी ढांचे के विस्तार की आवश्यकता होगी। प्रस्तावित 54 किलोमीटर लंबी तीसरी लाइन परियोजना से इस लाइन की क्षमता में उल्लेखनीय सुधार होगा, भीड़ कम होगी और सवारी गाडिय़ों व मालगाडिय़ों की आवाजाही बेहतर होगी. इस परियोजना से पटना व कोलकाता के बीच संपर्क और मजबूत होगा. साथ ही, इससे उत्तरी और पूर्वी भारत के प्रमुख औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स केंद्रों के बीच माल ढुलाई भी बेहतर होगी. यह मार्ग कोलकाता, हल्दिया बंदरगाहों और रक्सौल, नेपाल के बीच महत्वपूर्ण रूप से संपर्क प्रदान करता है व बाढ़ एसटीपीपी, जवाहर एसटीपीपी व बीरगंज आईसीडी सहित प्रमुख औद्योगिक प्रतिष्ठानों से जुड़ी भारी माल ढुलाई के लिए मालगाडिय़ों के परिवहन को संभालता है. इस रेल खंड को भारतीय रेलवे के अति व्यस्त यातायात वाले नेटवर्क कॉरिडोर के अंतर्गत चिन्हित किया गया है।

993 करोड़ रुपये की अरक्कोनम-चेंगलपट्टू दोहरीकरण परियोजना को मंजूरी

भारतीय रेलवे ने दक्षिणी रेलवे की 993 करोड़ रुपये की लागत वाली अरक्कोनम-चेंगलपट्टू दोहरीकरण परियोजना (68 किमी) को स्?वीकृति दे दी है, जिससे देश भर में सुरक्षित, तेज और अधिक कुशल रेल परिवहन की दिशा में प्रतिबद्धता और मजबूत हुई है. यह खंड चेन्नई समुद्र तट, तांबरम, चेंगलपट्टू और अरक्कोनम को जोडऩे वाले महत्वपूर्ण चेन्नई उपनगरीय सर्कुलर रेल नेटवर्क का हिस्सा है. केन्द्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि अरक्कोनम-चेंगलपट्टू दोहरीकरण परियोजना व्यस्त चेन्नई उपनगरीय रेल नेटवर्क पर भीड़भाड़ कम करने और समयबद्धता एवं परिचालन दक्षता में सुधार लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी. उन्होंने कहा कि इस परियोजना से कॉरिडोर पर यात्री और माल ढुलाई दोनों को मजबूती मिलेगी, जिससे सीमेंट, ऑटोमोबाइल, अनाज, लोहा और इस्पात सहित प्रमुख वस्तुओं के परिवहन को लाभ होगा. यह मार्ग महिंद्रा वल्र्ड सिटी, श्रीपेरुम्बुदुर, ओरगाडम व इरुनगट्टुकोट्टई सहित कई प्रमुख आर्थिक और औद्योगिक केंद्रों के साथ-साथ महत्वपूर्ण ऑटोमोबाइल, सीमेंट और विनिर्माण उद्योगों को जोड़ता है। कांचीपुरम के पास प्रस्तावित परंदुर हवाई अड्डा परियोजना भी इस मार्ग के निकट स्थित है, जिससे इस मार्ग का रणनीतिक महत्व और भी बढ़ जाता है।

जम्मू-श्री माता वैष्णो देवी कटरा खंड के पुलों के संरक्षण को मंंजूरी

रेलवे ने उत्तरी रेलवे के जम्मू-श्री माता वैष्णो देवी कटरा खंड पर 238 करोड़ रुपये की लागत से महत्वपूर्ण ढलान स्थिरीकरण, सुरंग पुनर्निर्माण और पुलों के संरक्षण कार्यों को मंजूरी दी है. इन कार्यों में जम्मू-श्री माता वैष्णो देवी कटरा मार्ग पर संवेदनशील स्थानों पर पुनर्निर्माण, सुरंगों से रिसाव की समस्या का समाधान और अन्य संबंधित सुरक्षा उपाय शामिल हैं। केन्द्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि ये कार्य देश के सबसे चुनौतीपूर्ण भूभागों में सुरक्षित व विश्वसनीय संपर्क सुनिश्चित करने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं. उन्होंने कहा कि कटिंग, पुलों और सुरंगों के विस्तृत मूल्यांकन के बाद संरक्षण और पुनर्वास कार्यों को मंजूरी दी गई है. उन्होंने कहा कि इन कार्यों से रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण इस खंड की दीर्घकालिक सुरक्षा व विश्वसनीयता मजबूत होगी. कठिन भूभाग, प्रतिकूल भूवैज्ञानिक स्थितियों और प्रतिकूल मौसम के कारण इस खंड को कई इंजीनियरिंग और परिचालन संबंधी चुनौतियों का सामना करना पड़ा है, हालांकि रेलवे ने समय-समय पर कार्यान्वयन और मजबूत बुनियादी ढांचा विकास के माध्यम से इन चुनौतियों पर लगातार काबू पाया है. मौजूदा बुनियादी ढांचे के लिए नए संरक्षण और पुनर्वास कार्यों की मंजूरी के साथ, यह मार्ग पहले से अधिक बेहतर सुविधाएं प्रदान करेगा और हर वर्ष लाखों यात्रियों को अधिक सुरक्षा व विश्वास के साथ सेवा प्रदान करने के लिए तैयार किया जाएगा।

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