मई के शुरुआती सप्ताह में भीषण गर्मी के बीच दार्जिलिंग और सिक्किम की ऊंची पहाड़ियों पर हुए अचानक हिमपात ने क्षेत्र को बर्फ की खूबसूरत सफेद चादर से ढक दिया है। सिलीगुड़ी से ७ मई २०२६ को जारी इस मौसम रिपोर्ट के अनुसार, बुधवार को पश्चिम बंगाल की सबसे ऊंची चोटी संदाकफू, जो ११,००० फीट से अधिक की ऊंचाई पर स्थित है, और पूर्वी सिक्किम में भारत-चीन सीमा के पास करीब १४,००० फीट की ऊंचाई पर स्थित नाथू-ला दर्रे पर भारी बर्फबारी दर्ज की गई। स्थानीय लैंड रोवर एसोसिएशन के अनुसार, संदाकफू में सुबह लगभग ६:०० बजे शुरू हुई बर्फबारी ने पूरे इलाके को एक सुरम्य बर्फीले परिदृश्य में बदल दिया। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मार्च के महीने से ही उत्तर प्रदेश के ऊपर बने चक्रवाती परिसंचरण, उत्तर-दक्षिण ट्रफ रेखा और पश्चिमी हवाओं के सक्रिय प्रभाव के कारण लगातार हो रही बारिश और कम दबाव की प्रणालियों ने तापमान को बढ़ने नहीं दिया, जिससे मई के महीने में भी इस प्रकार की अनोखी भूगोलीय और मौसमी स्थिति देखने को मिली है।
इस बेमौसम और खूबसूरत बर्फबारी ने पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव संपन्न होने के बाद सुस्त पड़े पर्यटन उद्योग के हितधारकों, ट्रैवल एजेंटों और होटल व्यवसायियों में भारी उत्साह भर दिया है। हिमालयन हॉस्पिटैलिटी एंड टूरिज्म डेवलपमेंट नेटवर्क के अनुसार, मैदानी इलाकों की चिलचिलाती गर्मी से राहत पाने के लिए दार्जिलिंग और सिक्किम जाने वाले सैलानियों की संख्या में अचानक भारी उछाल आया है और यदि मौसम की यह अनुकूल स्थिति इसी तरह बनी रही, तो इस साल का मुख्य पर्यटन सीजन आगामी १५ जून तक आसानी से बढ़ सकता है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के गंगटोक क्षेत्रीय केंद्र के पूर्वानुमान के मुताबिक, ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी की संभावना के बीच गुरुवार से आसमान पूरी तरह साफ होने की उम्मीद है और भारी बारिश की कोई आशंका नहीं है। सड़कों पर जमी बर्फ को हटाने के लिए भारतीय सेना के जवानों ने मुस्तैदी से काम किया है ताकि सैलानियों को पर्वतीय आवागमन और ऊंचाई वाले दर्रों तक पहुँचने में किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
