प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को 53वीं प्रगति बैठक में नौ राज्यों में 30,000 करोड़ रुपये से अधिक की स्वीकृत लागत वाली छह प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने मंत्रालयों और राज्य सरकारों से परियोजनाओं के क्रियान्वयन में समन्वित दृष्टिकोण अपनाने तथा भूमि अधिग्रहण, वन मंजूरी और यूटिलिटी शिफ्टिंग जैसी बाधाओं को तत्काल दूर करने का निर्देश दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि परियोजनाओं में देरी से न केवल लागत बढ़ती है, बल्कि नागरिकों, कारोबार और अर्थव्यवस्था को मिलने वाले लाभ भी टल जाते हैं। समीक्षा की गई परियोजनाओं में बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में 12,334 करोड़ रुपये की सोन नगर-आंदाल 374.53 रूट किलोमीटर रेल लाइन मल्टी-ट्रैकिंग परियोजना शामिल है, जिसका उद्देश्य दिल्ली-हावड़ा मार्ग की बाधा कम करना और माल ढुलाई को तेज करना है। परियोजना का 21 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है, जबकि वन मंजूरी, भूमि अधिग्रहण और यूटिलिटी शिफ्टिंग से जुड़े मुद्दे लंबित हैं। राजस्थान और गुजरात की 3,086 करोड़ रुपये की लूनी-सामदड़ी-भिलड़ी रेल लाइन दोहरीकरण परियोजना 30 प्रतिशत पूरी हो चुकी है और कांडला बंदरगाह से उत्तर भारत तक माल ढुलाई संपर्क बेहतर करने के लिए महत्वपूर्ण है।
