दरभंगा के मखाना किसानों और उत्पादकों के लिए अच्छी खबर है। जिले में मखाना उत्पादन को बढ़ावा देने और किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में कई महत्वपूर्ण सुझाव सामने आए हैं। प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के क्रियान्वयन और कृषि क्षेत्र के विकास को लेकर समाहरणालय के बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर सभागार में समीक्षा बैठक हुई।
केंद्र सरकार के वाणिज्य विभाग के संयुक्त सचिव साकेत कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में मखाना उत्पादकों और एक्सपोर्टरों से सीधे फीडबैक लिया गया। उनसे मखाना निर्यात के दौरान आने वाली परेशानियों, गुणवत्ता संबंधी चुनौतियों और जरूरी सुविधाओं के बारे में जानकारी ली गई।
संयुक्त सचिव ने ज्यादा से ज्यादा मखाना उत्पादकों को जीआई टैग के दायरे में लाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि मखाना की खास पहचान और गुणवत्ता बनाए रखने के लिए जीआई टैग का व्यापक इस्तेमाल जरूरी है। साथ ही एपीडा की पहल के जरिए बिहार से मखाना निर्यात को और बढ़ाने की बात कही।
उन्होंने कहा कि बिहार का मखाना अब देश के विभिन्न हिस्सों के साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी पहुंच रहा है। इसलिए विदेशी बाजारों की जरूरत के मुताबिक उत्पादन से लेकर गुणवत्ता, पैकेजिंग, प्रसंस्करण और निर्यात की व्यवस्था को मजबूत करना जरूरी है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में मखाना की पहचान सुनिश्चित करने के लिए उत्पत्ति प्रमाण-पत्र को भी अहम बताया गया। इससे दूसरे देशों में जांच के दौरान मखाना के मूल स्थान और उत्पाद की पहचान आसानी से की जा सकेगी।
डीएम कौशल कुमार ने एक्सपोर्टरों को मखाना की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया। उन्होंने बताया कि पिछले साल मखाना विकास योजना के तहत जिले के 890 किसानों को लाभ मिला है। वहीं, मखाना अनुसंधान केंद्र के अधिकारी के अनुसार, पिछले दो वर्षों में करीब 5,000 किसानों को मखाना की खेती का प्रशिक्षण दिया गया है।
बैठक में एक्सपोर्टरों ने दरभंगा एयरपोर्ट से कार्गो सुविधा शुरू करने का सुझाव दिया। उनका कहना था कि इससे मखाना को देश-विदेश के बाजारों तक कम समय में पहुंचाने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही भंडारण, प्रसंस्करण और निर्यात को सुविधाजनक बनाने के लिए पैक हाउस विकसित करने का सुझाव भी दिया गया।
बैठक में सहायक समाहर्ता कल्पना रावत, विष्णु कांत, डॉ. सीवी सिंह, उप विकास आयुक्त स्वप्निल और जिला कृषि पदाधिकारी डॉ. सिद्धार्थ सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
