टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा के तीनों बच्चों ने पहली बार टाटा ग्रुप की होल्डिंग कंपनी टाटा संस में शेयरहोल्डर के रूप में जगह बना ली है। कंपनी के वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) के दस्तावेजों से इसका खुलासा हुआ है। नोएल टाटा के बच्चे लिया टाटा, माया टाटा और नेविल टाटा के पास अब टाटा संस के दो-दो शेयर हैं। ये शेयर उन्हें उनकी दादी सिमोन टाटा की विरासत से मिले हैं। तीनों पहले से ही टाटा ग्रुप के विभिन्न कारोबारों से जुड़े हुए हैं। उल्लेखनीय है कि टाटा ट्रस्ट्स के पास टाटा संस की करीब 66 फीसदी हिस्सेदारी है।
वित्त वर्ष 2024-25 (FY25) के दस्तावेजों के अनुसार, सिमोन टाटा के पास टाटा संस के कुल आठ शेयर थे। बाजार अनुमान के मुताबिक कंपनी के एक शेयर का मूल्य लगभग 4 से 5 करोड़ रुपये के बीच है। दिसंबर 2025 में सिमोन टाटा के निधन के बाद उनकी हिस्सेदारी उनके बेटे और पोते-पोतियों के बीच बराबर बांटी गई। इस प्रक्रिया के बाद नोएल टाटा के शेयरों की संख्या 4,058 से बढ़कर 4,060 हो गई, जबकि लिया, माया और नेविल को दो-दो शेयर देकर पहली बार कंपनी के शेयरहोल्डर के रूप में शामिल किया गया।
टाटा संस के शेयरहोल्डर्स में नोएल टाटा के सौतेले बड़े भाई जिमी टाटा के पास 3,262 शेयर हैं। वहीं, दिवंगत रतन टाटा का नाम भी अब तक कंपनी के शेयरहोल्डर के रूप में दर्ज है और उनके नाम पर 3,368 शेयर मौजूद हैं। उनकी वसीयत के अनुसार ये शेयर दो चैरिटेबल फाउंडेशन को हस्तांतरित किए जाने हैं, हालांकि यह प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है।
टाटा संस के अन्य व्यक्तिगत शेयरधारकों में नोएल टाटा के बहनोई शापूर मिस्त्री के पास 54 शेयर हैं, जबकि उनके भतीजे फिरोज मिस्त्री और जहान मिस्त्री के पास 27-27 शेयर हैं। इसके अलावा, टाटा समूह के संस्थापक जमशेदजी टाटा के ग्रैंड-नेफ्यू मिनोचर टाटा की पत्नी पीलू टाटा के पास 487 शेयर, उनके बच्चों जिमी टाटा और वीरा चोकसी के पास 157-157 शेयर हैं। गुजरात के छोटा उदयपुर राजघराने से जुड़ी ऐश्वर्या, भवानी और जय प्रतापसिंह चौहान के पास भी एक-एक शेयर है। इनमें से अधिकांश शेयरधारकों को यह हिस्सेदारी विरासत में मिली है। गौरतलब है कि टाटा संस ने कई दशकों से अपनी इक्विटी पूंजी संरचना में कोई बदलाव नहीं किया है।
