स्थानीय सदर अस्पताल में डॉक्टरों की मनमानी और लचर स्वास्थ्य व्यवस्था ने एक बार फिर इंसानियत को शर्मसार किया है। गुरुवार को अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की बड़ी लापरवाही सामने आई, जहां हादसे में गंभीर रूप से घायल और मल्टीपल फ्रैक्चर से जूझ रहे दो किशोरों के पैर में स्लैब (प्लास्टर) चढ़ाने के बजाय दवा का कार्टन (गत्ता) फाड़कर लपेटने बाद पीएमसीएच रेफर कर दिया।
जानकारी के अनुसार, हुलासगंज थाना क्षेत्र के धरमपुर मोड़ के समीप गुरुवार को दो बाइकों के बीच हुई भीषण टक्कर में चार किशोर बुरी तरह जख्मी हो गए। इनमें रामगंज निवासी प्रह्लाद कुमार को दोपहर 1:05 बजे और धरमपुर निवासी 16 वर्षीय राजा कुमार
को दोपहर 1:32 बजे सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया। लेकिन, इमरजेंसी में ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर ने इलाज के बजाय सिर्फ पर्ची पर ‘रेफर’ लिखकर पल्ला झाड़ लिया। वहीं, स्वास्थ्यकर्मियों ने स्लैब लगाने के बजाय दवा के खाली कार्टन को फाड़ा और उसे ही पैर पर लपेटकर मरीजों को विदा कर दिया। जबकि, नियमानुसार ऐसे मरीजों को इन्फेक्शन से बचाने के लिए स्लैब लगाना अनिवार्य होता है।
सड़क दुर्घटना में घायल गंभीर मरीजों को इमरजेंसी में स्लैब चढ़ाकर ही रेफर करने का नियम है। यह बेहद गंभीर लापरवाही है। इसकी पूरी जांच कराई जाएगी।
