बिहार के मोतिहारी में बिहार पुलिस सबऑर्डिनेट सर्विसेज कमीशन (बीपीएसएससी) की ओर से आयोजित ‘अधिनायक अनुदेशक’ (कमांडेंट इंस्ट्रक्टर) भर्ती परीक्षा के दौरान नकल का मामला सामने आया है। यहां एक ‘मुन्ना भाई’ अपनी चप्पल में इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस छिपाकर एग्जाम देने पहुंच गया। एग्जाम के दौरान आरोपी युवक परीक्षा हॉल के बाहर आंसर जानने के लिए अपनी चप्पल के अंदर छिपाए गए इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस का इस्तेमाल करते हुए पकड़ा गया। इसके साथ ही दो अन्य को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया। बेतिया का निवासी है नकल करने वाला आरोपी युवक
गिरफ्तार अभ्यर्थी की पहचान पश्चिम चंपारण जिले के बेतिया निवासी अविनाश कुमार के रूप में हुई है। मिली जानकारी के मुताबिक, परीक्षा के दौरान नकल करने की यह घटना सदर अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) अरुण कुमार और सदर पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) दिलीप कुमार के निरीक्षण के दौरान सामने आई, जो एग्जाम सेंटर का दौरा कर रहे थे। चप्पल के अंदर छिपाई थी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस
एलएनडी कॉलेज में परीक्षा कक्ष का निरीक्षण करने के दौरान अधिकारियों ने अविनाश कुमार पर कुछ शक हुआ। इसके बाद उसकी तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान अधिकारियों ने अविनाश की चप्पल के अंदर छुपाई गई एक इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस बरामद की। पुलिस के अनुसार, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस से एग्जाम के दौरान एग्जाम सेंटर के बाहर से जवाब हासिल करने के लिए चप्पल में छिपाया गया था। मामले को लेकर पूर्वी चंपारण जिले के पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात का कहना है कि पूछताछ के दौरान आरोपी ने खुलासा किया कि उसने यूट्यूब पर वीडियो देखकर धोखाधड़ी की तकनीक के बारे में सीखा था। उसने इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस ऑनलाइन खरीदा और भर्ती परीक्षा में इसका उपयोग करने की योजना बनाई। पुलिस का कहना है कि आरोपी ने सुरक्षा जांच को दरकिनार करने और यहां तक कि परीक्षा केंद्र पर लगे इलेक्ट्रॉनिक जैमर से बचने के लिए एक तरीका तैयार किया था। बाउंड्री के ऊपर से एग्जाम सेंटर के अंदर फेंक दी थी चप्पल
जांचकर्ताओं के अनुसार, एग्जाम सेंटर में एंट्री से पहले अविनाश ने इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस वाली चप्पल को बाउंड्री के ऊपर से फेंक दिया था। फिर नंगे पैर एग्जाम सेंटर में प्रवेश किया, ताकि तलाशी के दौरान इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस का पता न चल सके।
सुरक्षा जांच पूरी करने के बाद, उसने परिसर के अंदर से चप्पल प्राप्त की और परीक्षा हॉल में प्रवेश करने से पहले उसे पहना। हालांकि, उसकी योजना तब विफल हो गई जब अधिकारियों ने निरीक्षण के दौरान उसकी संदिग्ध गतिविधियों को नोटिस किया और उपकरण बरामद कर लिया।
