April 25, 2026
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 बिहार में पटना के बुद्धा कॉलोनी थाना क्षेत्र से पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव को बीती आधी रात 31 साल एक पुराने मामले में गिरफ्तार कर लिया गया। पटना पुलिस ने यादव को मंदिरी इलाके में घर से गिरफ्तार किया। भारी पुलिस बल के साथ एसपी सिटी भानु प्रताप सिंह और एसएसपी कार्तिकेय शर्मा के नेतृत्व में टीम पहुंची थी। गिरफ्तारी पर समर्थकों ने विरोध जताया और नारेबाजी की।

पप्पू यादव दिल्ली से पटना लौटे ही थे कि पुलिस टीम उनके घर पहुंच गई। अफसरों और पांच थानों की टीम ने वारंट दिखाते हुए गिरफ्तारी की । पप्पू यादव ने शुरू में विरोध किया और कहा कि वे शनिवार सुबह खुद कोर्ट में पेश होंगे। उनके समर्थकों और पुलिस के बीच बहस हुई। पप्पू यादव ने चिल्लाकर कहा कि ये लोग उन्हें मारने आए हैं और गिरफ्तारी का वारंट नहीं दिखाया गया, बल्कि संपत्ति कुर्की का कागज निकाला गया।

गिरफ्तारी से पहले पप्पू यादव ने मीडिया से बातचीत में दावा किया कि यह राजनीतिक साजिश है। उन्होंने कहा कि हाल ही में उन्होंने पटना में नीट छात्रा की मौत और गर्ल्स हॉस्टल से जुड़े मुद्दों पर सरकार को घेरा था, इसी कारण उन्हें सताया जा रहा है। उन्होंने बीमार होने का हवाला देते हुए आशंका जताई कि उनके साथ कुछ गलत हो सकता है। उन्होंने पुलिस से कहा कि वे पुलिस स्टेशन नहीं, सीधे अदालत जाना चाहते हैं।

पप्पू यादव की गिरफ्तारी 1995 के एक मामले में हुई है। यह मामला पटना के गर्दनीबाग थाने में अपराध संख्या 552/1995 से संबद्ध है। शिकायतकर्ता मकान मालिक विनोद बिहारी लाल ने आरोप लगाया था कि पप्पू यादव ने धोखाधड़ी से घर किराये पर लिया, पर्सनल यूज बताकर लेकिन उसे राजनीतिक कार्यालय बना लिया। जब मालिक को पता चला तो विवाद हुआ। आरोपों में धोखाधड़ी, जालसाजी, घर में घुसपैठ, आपराधिक धमकी और षड्यंत्र शामिल हैं। पुरानी आईपीसी की धारा 419, 420, 468, 448, 506 और 120बी (अब बीएनएस में समकक्ष) के तहत मामला चल रहा था।

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